जनपद के अधिकांश नगर निकाय के अध्यक्षों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। कुछ निकायों में दिसंबर महीने में समाप्त हो गया तो कुछ में जनवरी के आखिर तक समाप्त हो जाएगा। ऐसे में जनपद के आठों नगर निकाय प्रशासक के हवाले होंगे। वे रोजाना की समस्याओं का निबटारा करेंगे लेकिन उनके पास नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार नहीं होगा।
ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से हरेक नगर निकाय में तीन अधिकारियों की कमेटी बनाई जा रही है। जिसमें स्थानीय ईओ समेत अन्य अधिकारी होंगे। दिलदारनगर, सादात, मुहम्मदाबाद, जमानियां, बहादुरगंज में कार्यकाल समाप्त हो गया है। वहीं, सैदपुर नगर पंचायत में 19 जनवरी और नगर पालिका गाजीपुर की पहली बैठक 22 जनवरी को हुई थी। इस आधार पर यहां नपा अध्यक्ष का कार्यकाल 22 जनवरी को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद यहां तीन अधिकारियों की कमेटी या प्रशासक नियुक्त होंगे।
अपने पांच साल के कार्यकाल को लेकर नपा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल का कहना है कि कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण कार्य करने का अवसर मिला। इसमें अफीम फैक्ट्री का रास्ता खुलवाया गया। जो शहर के लिए वैकल्पिक रास्ते के तौर पर उपयोग में लाया जाएगा। इसके निर्माण के लिए टेंडर हो गया है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। ऐसे ही शहर के कूड़ा निस्तारण के लिए छावनी लाइन में निर्माण कार्य चल रहा है। अभी 13 स्कूलों के सुंदरीकरण का कार्य कराया जा रहा है।
स्वकर का मुद्दा शहर के लिए विशेष था। इसका भी समाधान हुआ। ऐसे ही पानी, आरओ प्लांट और सड़कों-नाली का निर्माण कर शहर के सूरते हाल में काफी बदलाव लाया गया। उन्होंने कहा कि पांच साल के कार्यकाल में योजनागत तरीके से शहर का विकास कराया गया। जो कमियां रह गई है। उसे भी पूरा कराने का प्रयास हो रहा है।
पूर्व प्रत्याशी रहे विवेक सिंह शम्मी का कहना है कि दो साल से सीवर लाइन का कार्य अधूरा है। लोग इससे ठगा महसूस कर रहे हैं। अनियोजित तरीके से शहर में एक तरफ सड़कों का निर्माण हो रहा तो दूसरी तरफ खोदकर छोड़ दिया जा रहा है। हाउस टैक्स का आधा करना नपा का सही फैसला नहीं है। उनका कहना है कि शहर में कूड़ा के लिए जगह-जगह डिब्बा आदि की व्यवस्था होनी चाहिए जिसका अभाव है।