शहर के पोस्ताघाट स्थित एक मैरेज हाल में डीएसएचआरडी मानवाधिकार संगठन की तरफ से रविवार को मानवाधिकार जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजीव लोचन मेहरोत्रा ने मानव के अधिकार और दायरा की चर्चा करते हुए कहा कि आज मानव और प्रकृति में असमानता होती चली आ रहा है, जिसका खामियाजा हम आज कहीं न कहीं भुगत रहे हैं। इसके बाद भी चेत नहीं रहे हैं। मानव अपना कर्तव्य भूल रहा है जिससे उसका जीवन प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आज लोग अपने कार्यों को लेकर परेशान हैं। उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है, जिसके लिए इस तरह की संस्था कार्य करती है। बताया कि निचले स्तर पर जो पंचायतें बनाई गई है, अगर हम अपने छोटे-छोटे विवादों को सुलझा लें तो हमें न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, लेकिन आज हर कोई छोटे विवाद पर भी कोर्ट का सहारा ले रहा है।
आज हम सिर्फ अधिकार की बात करते हैं, लेकिन कर्तव्य भूल गए हैं, जिसकी वजह से आज हमारा जीवन और रहन-सहन प्रभावित हुआ है। आज हम सिर्फ अधिकार मांग रहे हैं, लेकिन कर्तव्य क्या है, यह किसी को पता नहीं। अध्यक्षता करते हुए विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति आरके रस्तोगी ने कहा कि समानता का अधिकार मौलिक अधिकार और जीवन का अधिकार ही मानवाधिकार है।
जिलाध्यक्ष मदन मोहन सिंह ने बताया कि इस संस्था ने 2017 से अब तक करीब 150 मामलों को रजिस्टर्ड कर करीब सौ मामलों में लोगों को न्याय दिलाया है। इस अवसर पर संस्था द्वारा जिले में समाजसेवा के रूप में काम करने वाले 20 लोगों को सम्मानित किया गया।
इस मौके पर अपर जिला जज नरेंद्र कुमार सिंह, अमित अग्रहरि, संदीप अग्रहरि, रविकांत तिवारी, विनय तिवारी दिलीप अग्रहरि, मनोज अग्रहरि, शिव वर्मा, संजय वर्मा, फौजदार बिंद, निरंजन, हिमांशु राय, संतोष जायसवाल, राकेश शर्मा, अनिल विश्वकर्मा सहित दर्जनों लोग मौजूद थे। जिलाध्यक्ष मदन मोहन सिंह ने आभार व्यक्त किया।