गंगा घाट पर सैंड आर्ट प्रतियोगिता में कलाकृति बनाती राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्राएं।
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गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की ओर से गंगा नदी के तट पर ‘सैंड आर्ट’ प्रतियोगिता में पर्यावरण सुरक्षा, कोरोना महामारी, स्वच्छता अभियान, नारी सशक्तीकरण आदि ज्वलंत एवं सम-सामयिक घटनाचक्र पर आकृतियां बनाई गईं। प्रतियोगिता में ज्योति कुमारी के समूह ने पहला स्थान प्राप्त किया। कला शिक्षक राजकुमार सिंह ने कहा कि छात्राओं की ओर से बनाई गई कलाकृतियां समीचीन हैं, इनकी चिंता पर्यावरण, नारी शोषण एवं सामाजिक कुरीतियों के प्रति है। समाज में घट रही घटनाओं से संबंधित मुद्दे इनकी कलाकृतियों में दृष्टिगोचर हैं। रंगकर्मी पंकज शर्मा ने कहा कि गाजीपुर जैसे कला एवं संस्कृति के पिछड़े एवं अभावग्रस्त क्षेत्र में ऐसी उम्दा कलाकृतियां बनाने वाले बच्चे बेहद प्रतिभाशाली हैं। अगर इन्हें संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो किसी भी स्तरीय संस्थान की तरह यहां भी प्रतिभा निखर सकती है। ज्योति समूह में आशा, संगीता कनौजिया, दीपिका विश्वकर्मा, वंदना, निशा और अंशु शामिल रहीं। दूसरे स्थान पर प्राची यादव के समूह में खुशबू, बबली, रोशनी, वंदना, कंचन और तीसरे स्थान पर अर्चना कुमारी के समूह में नीमा, सुप्रिया, सलोनी, नूर सबा, साक्षी एवं आंचल शामिल थीं। प्रतियोगिता के मूल्यांकन का दायित्व आशीष कुमार सिंह, पंकज शर्मा एवं सारिका सिंह ने निभाया। इस दौरान वरिष्ठ आचार्य डॉ. जगदीश सिंह, डॉ. निरंजन यादव, आरुषि मौर्य, शीतल खरवार डॉ. संतन कुमार राम मौजूद थे।