कासिमाबाद। उपजिलाधिकारी न्यायालय का बहिष्कार कर रहे अधिवक्ताओं के साथ उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को तहसील सभागार में बैठक हुई। इस मौके पर अधिकारियों और अधिवक्ताओं के बीच बातचीत के बाद बनी सहमति के बाद उप जिलाधिकारी के न्यायालय का बहिष्कार अधिवक्ता समाप्त कर काम पर लौट गए। इससे वाद कारियों में हर्ष का माहौल है।
बीते दो फरवरी से कासिमाबाद तहसील के सेंट्रल बार एसोसिएशन एवं तहसील बार एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से बैठक कर उप जिलाधिकारी न्यायालय का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। अधिवक्ताओं ने उप जिलाधिकारी पर आरोप लगाया था कि दोनों पक्षों के मौजूद रहने के बाद भी फाइलें खारिज कर दी जा रही है। आदेश होने के बाद फाइलों से आर्डर सीट हटाकर फाइल खारिज कर दी जा रही है ।रेस्टोरेशन दाखिल करने के बाद मूल नंबर पर वाद दर्ज नहीं हो रहा है । लंबे समय से फाइलें जो गायब हैं उसके लिए न्यायालय गंभीर नहीं हो रहा है जैसे आरोपों को लेकर न्यायालय का बहिष्कार करने का निर्णय संयुक्त रूप से लिया गया था।
सोमवार को उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील के दोनों बार की बैठक संयुक्त रूप से तहसील सभागार में आयोजित की गई। बैठक में उप जिलाधिकारी राजेश प्रसाद ने अधिवक्ताओं की सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि आप लोगों की जो शिकायत है उसका हर हाल में समाधान किया जाएगा।
उप जिलाधिकारी द्वारा सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने के निर्णय पर तहसील के सेंट्रल बार एसोसिएशन और तहसील बार एसोसिएशन उप जिलाधिकारी न्यायालय का बहिष्कार समाप्त कर दिया। बैठक में तहसीलदार जया सिंह ,तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय तिवारी, सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद्र तिवारी के साथ दोनों बार के अधिकांश अधिवक्ता मौजूद रहे ।