आपदा राहत राशि का किसानों को भुगतान न करने एवं पूर्व तहसीलदार द्वारा यूनियन बैंक की ओर से दी गई आरओ मशीन को उठा ले जाने के विरोध में मंगलवार को मुहम्मदाबाद तहसील में अधिवक्ताओं एवं तहसीलदार के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हुई। उपजिलाधिकारी के चेम्बर में जाकर आक्रोशित अधिवक्ताओं ने तत्काल आपदा राहत राशि का वितरण किये जाने की मांग की।
उनका कहना था कि तहसीलदार से आरओ मशीन मंगवाई जानी चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। काफी देर तक इस बात पर तहसील परिसर में हंगामा होता रहा। अधिवक्ताओं ने एक सप्ताह पूर्व पत्रक देकर पूर्व तहसीलदार द्वारा आरओ मशीन ले जाने की शिकायत की थी। कहा था कि बैंक ने वादकारियों और वकीलों के लए यह मशीन दान में दी थी। उसे वापस मंगाया जाना चाहिए। साथ ही इसे लाने वाले अधिकारी पर कार्रवाई की जानी चाहिए। उस पर कोई कार्यवाही नहीं होने से नाराज अधिवक्ताओं ने मंगलवार को तहसील में विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
मौजूदा तहसीलदार बृजमोहन यादव ने अधिकारी के आरओ प्रकरण ले जाने की बात पर अनभिज्ञता प्रकट की और किी भी तरह कार्रवाई से आनाकानी करने लगे तो अधिवक्ता उत्तेजित हो गये। उनकी तहसीलदार से नोकझोंक होने लगी।
मामला बिगड़ता देख एसडीएम त्रिभुवन विश्वकर्मा ने हस्तक्षेप करके अधिवक्ताओं को शांत कराया। मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।। प्रतिनिधिमंडल में सीपी राय, आलोक राय, काशीनाथ यादव, राजाराम गुप्ता, राजबली सिंह यादव, शिवदान तिवारी आदि लोग शामिल थे।
तहसील बार एसोसिएशन की बैठक विजयशंकर पाण्डेय की अध्यक्षता मे हुई। आपदा राहत वितरण एवं आरओ वापसी तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। तय किया गया कि आरओ मशीन पूर्व तहसीलदार से वापस लाकर लगाने तक तक आंदोलन जारी रहेगा।