मरदह। स्थानीय विकासखंड के गोविंदपुर कीरत गांव में बृहस्पतिवार को एडीपीआरओ पहुंचे और विकास कार्यों की जांच की। इस दौरान अभिलेखों को खंगालते हुए चकराेड, खड़ंजा, सीसी रोड, इंटरलाकिंग और नाला निर्माण को देखा। वहीं आरआरसी सेंटर, सामुदायिक शौचालय का भौतिक सत्यापन किया। इस दौरान सामुदायिक शौचालय के पास भारी मात्रा में गंदगी मिलने पर तैनात चार सफाई कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए सचिव को कार्रवाई का निर्देश दिया। बीते दिनों ग्रामीणों ने जिला पंचायत राज अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर गांव में हुए विकास कार्यों में ग्राम प्रधान और सचिव पर भ्रष्टाचार और मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद डीपीआरओ के निर्देश पर एडीपीआरओ निलेंद्र सिंह गांव में पहुंचे। जहां ग्राम पंचायत में हुए सभी विकास कार्यों काे देखा। साथ ही ग्रामीणों की शिकायत थी की गांव में लाखों रुपये का बिना स्ट्रीट लाइट लगवाए ही प्रधान और सचिव ने धन का बंदर बांट किया और ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायत में कहीं भी डस्टबिन नहीं लगाई गई है। बैठने के लिए चेयर भी नहीं है। नाली निर्माण नहीं होने से सड़क पर लगे पानी में गिरने से लालमुनि देवी की कमर की हड्डी टूट गई। लोग नाली के पानी से होकर आने जाने को विवश है। शिकायतकर्ता छविलाल राम, नंदजी गौतम, रामचंद्र, मनोज कुमार, लल्लन राम, छविलाल, हरेंद्र प्रसाद, नंदलाल राम आदि भी जांच के दौरान मौजूद रहे। इस संबंध में एडीपीआरओ निलेंद्र सिंह ने कहा कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है। रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपा जाएगा।