गाजीपुर। जिले में धारा-24 (मेड़बंदी) के 1568 मामले लंबित हैं। इन्हें एक माह के अंदर हल करने का लक्ष्य प्रशासन ने बनाया है। इसके लिए तहसीलों में टीम बनाई गई है। टीम ने दो दिन में 149 मामलों को हल करने का दावा किया है।
धारा 24 के तहत कृषि भूमि के सीमा निर्धारण के लिए एसडीएम कोर्ट में मुकदमा दायर करना पड़ता है। आवेदन करने पर एसडीएम तहसील की ओर से आख्या मांगी जाती है। यह आख्या पीड़ित के तहसील पहुंचकर संबंधित लेखपाल से मुलाकात न करने तक महीनों-सालों भी लंबित रह सकती है। फिर अगर तहसील से रिपोर्ट आ भी गई तो न्यायालय में कभी साहब की प्रशासनिक व्यस्तता, कभी वकीलों की हड़ताल हो जाती है। स्थिति यह है कि आठ-दस साल तक मामले न्यायालयों में लंबित रहते हैं। वर्तमान में जिले में लगभग 1568 मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं। इनमें तीन माह से कम समय के 672 मामले लंबित हैं। छह माह से कम समय के 310, एक साल से कम समय के 305, तीन साल से कम समय से 276 और पांच साल से अधिक समय से पांच मामले लंबित हैं। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने समीक्षा के दौरान एक माह के अंदर लंबित मामलों को निस्तारित कराने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के तहत सभी तहसीलों में 9-10 टीमें गठित की गईं हैं। ये टीमें लगातार दो दिनों से जनपद में सुबह नौ से दोपहर तक पैमाइश कराकर लंबित वादों को निस्तारित करने में जुटी हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो शनिवार को 57 और रविवार को 92 मामलों को निस्तारित किया गया।