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डग्गामार वाहनों पर ब्रेक लगाने की तैयारी में प्रशासन

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जिले के विभिन्न मार्गों पर डग्गामार (अनाधिकृत) वाहनों का संचालन किया जा रहा है। करीब सौ की संख्या में चल रहे ये वाहन रोडवेज को रोजाना लगभग दो लाख की चपत लगा रहे हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए शासन की ओर से इन पर रोक लगाने के लिए आठ सप्ताह का विशेष संयुक्त चेकिंग अभियान चलाने का फरमान जारी किया गया है। इसके तहत चार वाहनों का चालान कर उन पर एक लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।
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राज्य सड़क परिवहन निगम के स्थानीय डिपो के बेड़े में वर्तमान में 75 बसें हैं। इनमें से 62 का संचालन विभिन्न महानगरों दिल्ली, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा आसपास के वाराणसी, मऊ, आजमगढ़ के साथ ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में निगम की बसें चलाई जा रही हैं।
तकनीकी कारणों से कुछ बसें संचालित नहीं हैं। शासन की ओर से डिपो को सात लाख पांच हजार की आय का लक्ष्य निर्धारित किया गया है लेकिन डग्गामार-अनाधिकृत वाहनों के संचालन से डिपो को लक्ष्य प्राप्त करने में मुश्किल आ रही है। जिले के भरौली, कासिमाबाद, मऊ एवं आजमगढ़ आदि जगहों के लिए करीब सौ छोटी-बड़ी बसों का संचालन किया जा रहा है। रोजाना ये बसें जगह-जगह से सवारियों को बैठाकर मार्ग पर फर्राटा भर रही हैं। इसके चलते डिपो को रोजाना करीब दो लाख रुपये की चपत लग रही है।
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परिवहन निगम की बसों की आय पर डाका डाल रहे ऐसे वाहनों के खिलाफ शासन की ओर से आठ सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। इसके क्रम में सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय एवं परिवहन निगम के अधिकारियों की तरफ से संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को एआरटीओ एवं एआरएम के नेतृत्व में चले अभियान में 15 बसों की जांच की गई थी। इस दौरान चार वाहनों का चालान कर एक लाख 963 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। बुधवार को भी विभिन्न मार्गों पर कई वाहनों की जांच की गई। इसके चलते कई चालक वाहनों को इधर-उधर खड़ा कर चेकिंग अभियान के खत्म होने का इंतजार करते रहे।
शासन का निर्देश है कि डग्गामार-अनाधिकृत वाहन किसी भी दशा में संचालित न हों। अगर कोई संचालक वाहन संचालन करना चाहते हैं तो निगम से अनुबंध कर बस संचालित कर सकते हैं- वीके पांडेय, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
दस के बाद नहीं पहनी वर्दी तो होगी कार्रवाई
गाजीपुर। शासन की ओर से चालक एवं परिचालकों को वर्दी पहनना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए उन्हें 18 सौ रुपये उपलब्ध कराया गया है। चालकों की खाकी एवं परिचालकों की वर्दी स्लेटी रंग की होगी। दस सितंबर के बाद कोई चालक एवं परिचालक मार्ग पर बिना वर्दी के पाया जाएगा तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पेयजल बूथ के लिए भेजा प्रस्ताव
गाजीपुर। यात्रियों को सहूलियत प्रदान करने के लिए रोडवेज की ओर से प्रयास किया जाता रहा है। इस क्रम में स्थानीय डिपो के पूछताछ कक्ष के पास पेयजल बूथ की स्थापना के लिए निगम के उच्चाधिकारियों को एक प्रस्ताव भेजा गया है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो यात्रियों को प्रतीक्षालय के पास ही पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी।
अनुबंधित बसें दौड़ाने की पहल
गाजीपुर। शासन के निर्देश के क्रम में जिले में अनुबंधित बसें दौड़ाने की पहल की जा रही है। इसके तहत विभिन्न मार्गों पर जो प्राइवेट बसें संचालित हो रही हैं उनके संचालकों से परिवहन निगम एवं एआरटीओ विभाग के अधिकारी की ओर से अनुबंध के संबंध में प्रयास किया जा रहा है।
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