गाजीपुर। जनपद में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। वहीं पूर्व में लिए गए नमूनों के आधार पर 10 मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एडीएम कोर्ट से इन मिलावटखोरों पर बृहस्पतिवार को 3.90 लाख का जुर्माना लगाया गया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की तरफ से मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर अभियान चलाया गया था। इस दौरान लिए गए नमूनों को जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया था। खाद्य विश्लेषक की ओर से जांच में 10 खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि हुई थी। इनमें मिठाई, दूध, धनिया आदि शामिल रहे। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त करने के अपर जिलाधिकारी (वि./रा.)-न्याय निर्णायक अधिकारी दिनेश कुमार के न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया गया। न्याय निर्णायक अधिकारी (वि./रा.) दिनेश कुमार के न्यायालय ने विचार के बाद 10 वादों पर 3.90 का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड समय से जमा न किये जाने पर आरसी के माध्यम से वसूली की जाएगी। इसमें सुभाष राम बिंद निवासी आराजी कुकुढा (रजपरती) थाना शादियाबाद पर बिना पंजीकरण मिलावटी खोवा का बिक्री करने पर 40 हजार रुपये का जर्माना लगा। प्रहलाद प्रसाद गुप्ता निवासी महमूदपुर शादियाबाद को मिलावटी छेना की मिठाई की बिक्री करने पर 40 हजार, मुन्ना सिंह यादव निवासी इजरी थाना द्वारा बिना पंजीकरण प्राप्त किए मिलावटी भैंस का दूध की बिक्री करने पर 40 हजार का अर्थदंड लगा। इसी तरह ओम प्रकाश सिंह निवासी ढ़ंढनी (माधोपुर) थाना सुहवल द्वारा बिना पंजीकरण प्राप्त किए मिश्रित दूध का विक्रय करने पर 40 हजार, प्रहलाल प्रसाद निवासी नायकडीह थाना दुल्लहपुर द्वारा बिना बिल बिल बाउचर/कैश मेमो प्राप्त किए जाने व मिथ्याछाप काजू की बिक्री करने पर 45 हजार का जुर्माना लगा। प्रकाश कुमार गुप्ता निवासी वार्ड नं0-3, दिलदारनगर द्वारा बिना पंजीकरण प्राप्त किए मिलावटी खाद्य पदार्थ बेसन लड्डू की बिक्री करने पर 45 हजार, जयप्रकाश निवासी स्टेशन रोड थाना दुल्लहपुर द्वारा बिना पंजीकरण प्राप्त किए मिलावटी सेवई की बिक्री करने पर 45 हजार, निर्भय पाटिल निवासी वार्ड नं.-9 राजीव नगर सैदपुर द्वारा मिलावटी धनिया बिक्री करने पर 35 हजार, रामाशीष यादव निवासी अमरूपुर थाना भांवरकोल द्वारा बिना पंजीकरण प्राप्त किए मिलावटी गाय का दूध बिक्री करने पर 20 हजार, गोविंद यादव निवासी महुलिया एवं मालिक रामबचन यादव निवासी महुलिया द्वारा मिलावटी खोवा की बिक्री करने पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।