दिलदारनगर। थाना क्षेत्र के कस्बा स्थित बड़ी नहर के पास बिना पंजीकरण अवैध रूप से संचालित आदित्य अस्पताल को सेवराई नायब तहसीलदार और भदौरा सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने मंगलवार को सील कर दिया। साथ ही वहां भर्ती तीन मरीजों में एक महिला मरीज को एंबुलेंस से मेडिकल काॅलेज के महिला अस्पताल और दो मरीजों को उनके सुविधा के मुताबिक सरकारी अस्पताल भेज दिया गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बिना पंजीकरण अस्पताल संचालक करने के आरोप में प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया।
बीते 25 जुलाई की रात प्रसव के दौरान प्रसूती और नवजात की मौत हो गई थी। इस मामले में करीब 50 दिन बाद मृतका के पति की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। यहीं नहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के बाद अस्पताल का बीते नौ सितंबर को पंजीकरण भी निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद भी अस्पताल अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।
मंगलवार की सुबह सेवराई नायब तहसीलदार पंकज कुमार और भदौरा सीएचसी प्रभारी डा. धनंजय आनंद अस्पताल पर धमक पड़े। इस दौरान अस्पताल को सील करने कर दिया। वहीं प्रबंधक के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा भी दर्ज कराया। भदौरा सीएचसी प्रभारी डा. धनंजय आनंद ने बताया कि बिना पंजीकरण संचालित आदित्य अस्पताल को सील कर दिया गया है। प्रभारी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।