गाजीपुर। पांच हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए लेखपाल के समर्थन में जनपद के सभी लेखपाल आ गए हैं। शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए लेखपालों ने एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई को गलत बताया। वहीं बृहस्पतिवार की रात एंटी करप्शन टीम को दूसरे गेट से बाहर निकाला गया। कोतवाली में रात 11 बजे तक धरने पर बैठे लेखपालों ने नारेबाजी की। हालांकि इसके बाद रात में सदर तहसील पर एकत्र हुए, जिसके बाद निर्णय लेते हुए शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर विरोध जताते। कासिमाबाद तहसील में तैनात पिपनार के लेखपाल और करंडा थाना क्षेत्र के बेलासी गांव निवासी श्याम सुंदर गौड़ को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन वाराणसी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया था। टीम ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए लेखपाल को शहर कोतवाली लेकर आई। जानकारी होने पर लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रमेश राम की अगुवाई में शाम करीब साढ़े पांच बजे लेखपाल कोतवाली पहुंचे और धरने पर बैठ गए। रात 10.30 बजे शहर कोतवाल दीनदयाल पांडेय ने एंटी करप्शन टीम को दूसरे गेट से बाहर निकाला। इधर ठंड में धरने पर बैठे लेखपाल आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगे। लेखपाल करीब 11 बजे कोतवाली से उठकर सदर तहसील गए। वहां कार्रवाई का विरोध करने का निर्णय लेते हुए रात एक बजे सभी अपने-अपने घर लौट गए।
शुक्रवार की सुबह काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए जिला मुख्यालय पर डीएम और सभी तहसीलों पर एसडीएम को पत्रक सौंपे। लाध्यक्ष ने बताया कि एंटी करप्शन की टीम की कार्रवाई की उच्च स्तरीय जांच की जाए। साथ ही शहर कोतवाल का स्थानांतरण किया जाए। आरोप लगाया कि शहर कोतवाल ने लेखपालों को उनके साथी से मिलने नहीं मिलने दिए और धरने पर बैठे लेखपालोें से अभद्रता की।