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Ghazipur News: शराब तस्करी का सुरक्षित ठिकाना बनीं ट्रेनों की एसी बोगियां

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गाजीपुर। सड़क पर पुलिस का पहरा और नदियों में अथाह पानी की चुनौतियों की काट शराब तस्करों ने एक्सप्रेस ट्रेनों की एसी बोगियाें के रूप में ढूंढ़ लिया है। ट्रेनों की एसी बोगियों में रखकर शराब की खेप धड़ल्ले से बिहार पहुंचाई जा रही है। रात के अंधेरे में पीडीडीयू जंक्शन से ट्रेनों में यह खेल शुरू हो जाता है। जिन एसी बोगियों में आरक्षण के बाद ही यात्रा कर सकते हैं, उनमें ट्राॅली बैग और प्लास्टिक की बोरियों में शराब बरामद हो रही है। कंट्रोल रूम की सूचना पर बीते दो दिनों में पांच लाख से अधिक मूल्य की अंग्रेजी शराब बरामद हो चुकी है।
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जनपद की सीमा कई स्थान पर बिहार से जुड़ती है। इधर बिहार में शराब की बिक्री बंद होने के बाद तस्कर सक्रिय हो गए हैं। जिले की पुलिस ने जब सड़कों पर सख्ती बढ़ाई तो तस्करों ने सीमाओं को बांटने वाली नदियों को तस्करी का सुगम रास्ता बनाया। पुलिस ने नदियों पर भी निगरानी बढ़ा दी तो अब तस्करों ने ट्रेनों को शराब तस्करी का नया साधन बना लिया है। बीते वर्ष शराब तस्करों ने आरपीएफ के दो जवानों की हत्या भी कर दी थी। इसके बाद पुलिस की सख्ती और धरपकड़ को देखते हुए वे कुछ दिन शांत रहे लेकिन फिर एक्सप्रेस ट्रेनों से शराब की खेप बिहार पहुंचाई जाने लगी है। खास बात यह है कि शराब की खेप उन डिब्बों में रखकर पहुंचाई जा रही है, जिनमें यात्रियों की कड़ी निगरानी और पूछताछ होती है। इन बोगियों से शराब की बरामदगी जिम्मेदारों की मिलीभगत की ओर भी इशारा करती है।
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