सैदपुर कोतवाली के स्थानीय रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को चौरीचौरा एक्सप्रेस के शौचालय में मजदूर ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आरपीएफ ने शौचालय का दरवाजा तोड़कर शव कब्जे में लेकर घटना की जानकारी परिजनों को दी। आत्महत्या के पीछे पारिवारिक कलह की बात सामने आ रही है। मृतक के साथियों ने बताया कि वह फोन पर ही अपनी पत्नी से बात कर रहा था और बातचीत करते-करते बाथरूम की तरफ गया था। हो सकता है दोनों में विवाद हुआ हो और उससे नाराज होकर यह कदम उठा लिया।
मिर्जापुर जनपद के हलिया थाना के पोखडौल गांव निवासी मजदूर बबलू (22) टैंकर बनाने काम करते थे। वह अपने चाचा समेत आठ साथियों के साथ पनियरा जंक्शन से आ रहा था। गोरखपुर से चौरीचौरा एक्सप्रेस पर सवार होकर प्रयागराज जा रहा था। साथियों के मुताबिक बबलू फोन पर गोरखपुर के बाद से ही बात करते-करते उनके पास से चला गया था।
अनुमान लगाया जा रहा है कि वह बाथरूम में गया और अंदर से खुद को बंद कर पंखे में बेल्ट के सहारे आत्महत्या कर लिया। हालांकि इसकी जानकारी साथियों को तब हुई जब ट्रेन इंदारा (मऊ के आगे) यात्री बाथरूम उपयोग करने पहुंचा। ट्रेन आगे बढ़ गई और कोच में हड़कंप मच गया।
रात करीब साढ़े तीन बजे जब ट्रेन औड़िहार पहुंची तो जीआरपी के जवान बाथरूम के पास पहुंचे और दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाले और अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के तीन बच्चे भी हैं। औड़िहार जीआरपी थाना के थानाध्यक्ष राजकपूर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पूछताछ से पारिवारिक कलह की बात सामने आई है। फिलहाल छानबीन की जा रही है।
शव को देख जीआरपी के जवान भी हुए हैरान
घटना की जानकारी होने पर पहुंचे जीआरपी के जवान भी एकबार हैरान हो गए। वह शव की स्थिति को देख एक बारगी हत्या की आशंका जाहिर किए, लेकिन बाथरूम अंदर से बंद होने के कारण उनकी आशंका पर विराम लग गया। औड़िहार जीआरपी थाना के थानाध्यक्ष राजकपूर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगा।