गाजीपुर। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही जिले को सौ बेड के जिला अस्पताल की सौगात मिलेगी। पीपी मॉडल पर बने भवन को ही जिला अस्पताल में तब्दील किया जा सकता है।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शासन को पत्र भेजा गया है। वहां से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। चार वर्ष पूर्व ही मेडिकल कॉलेज से 200 बेड का पुरुष एवं 100 बेड का महिला अस्पताल संबद्ध हो चुका है।
महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के स्थापित होने के बाद शहर के गोराबाजार स्थित संचालित 200 बेड के जिला अस्पताल और मिश्रबाजार के 100 बेड के महिला अस्पताल को संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही 300 बेड का नवनिर्मित अस्पताल भी स्थापित कराया गया। दोनों अस्पतालों के संबद्ध होने से जिला अस्पताल समाप्त हो गया। ऐसे में मारपीट और दुष्कर्म जैसी घटनाओं में मेडिकल जांच को लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मिश्रबाजार से अस्पताल के गोराबाजार जाने से यहां के करीब दो दर्जन मोहल्लेवासियों के अलावा रौजा, जंगीपुर, गाजीपुर घाट सहित शहर से सटे 40 से अधिक गांवों के लोगों को शहर के दूसरे छोर गोराबाजार तक जाना पड़ता है। 100 बेड का अस्पताल स्थापित होने से मरीजों को काफी सहूलियत होगी। सीएमओ डाॅ. एसके पांडेय ने बताया कि शासन को पत्र भेजा गया है। हरी झंडी मिलने पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।