जिले की सीमा से सटे मऊ के हलधर थानाक्षेत्र के पाली रेता पर सिवान में झोपड़ी में बैठकर तरबूज की रखवाली कर रहे पति-पत्नी की सोमवार की रात बिजली गिरने से मौत हो गई। वहीं झोपड़ी जलकर नष्ट हो गई। वृद्ध दंपती का शव आधा से अधिक जल चुका था। मंगलवार को सुबह शव को देख परिजन बदहवास हो गए। पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया। घटनास्थल कासिमाबाद कोतवाली क्षेत्र के बॉर्डर पर है।
पाली गांव के उत्तर तरफ मऊ जिले के हलधरपुर थानाक्षेत्र के ठैंचा रेता गांव निवासी कांता राजभर (60) ने तरबूज की खेती की है। देर रात वह घर पर खाना खाने के बाद पत्नी बालकेशी देवी (59) के साथ खेत में बने झोपड़ी में तरबूज की रखवाली के लिए खेत में सो रहे थे।इसी दौरान बिजली गिरने से वृद्ध दंपती की झुलसकर मौत हो गई। झोपड़ी में आग भी लग गई। इससे वृद्ध दंपती का शव भी आधे से अधिक जल गया।
खेत सिवान में होने और देर रात के कारण किसी को घटना की जानकारी नहीं हो सकी। दूसरे दिन भोर में जब माता-पिता घर नहीं पहुंचे तो छोटी बेटी निशा खेत पर पर पहुंची।वहां जली झोपड़ी और माता-पिता के अधजले शव को देखकर चीखने लगी। इधर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शवों को कब्जे में लेकर कार्रवाई में जुट गई।
कांता राजभर के चार बेटे और चार बेटियों में तीन बेटियाें और दो बेटों की शादी हो गई थी।वह परिवार का भरण पोषण नदी किनारे तरबूज की खेती और मजदूरी करके किया करते थे। हलधरपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।