गाजीपुर। जिले में पहले चरण में 2907 स्कूलों ने 60 मानकों पर स्वच्छ हरित विद्यालय रेटिंग के लिए ऑनलाइन स्व-मूल्यांकन किया था। इस मूल्यांकन के आधार पर जिला और ब्लॉक स्तर पर अब भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर 10 सदस्यीय समिति गठित की गई है। ब्लॉक स्तर पर एआरपी की तरफ से 20-20 स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों का राज्य स्तरीय मूल्यांकन के लिए चुनाव किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय के अंतर्गत जिले में 2907 विद्यालयों की ओर से आनलाइन रजिस्ट्रेशन किया गया है। इसमें पांच रेटिंग वाले 66, चार रेटिंग वाले 1025, तीन रेटिंग वाले 1560, दो रेटिंग वाले 193 और एक रेटिंग वाले 65 विद्यालय हैं। दूसरे चरण में मूल्यांकन में जिलाधिकारी की तरफ से गठित दस सदस्यीय टीम में जिलाधिकारी या जिलाधिकारी की ओर से नामित अधिकारी अध्यक्ष, जिला विद्यालय निरीक्षक सदस्य और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य-सचिव होंगे। इसके अलावा पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस के सक्षम अधिकारी के अलावा जिला स्तरीय एनजीओ और सामाजिक संगठनों के दो प्रतिनिधि सदस्य होंगे। स्कूलों के स्व-मूल्यांकन के बाद अब एक टीम की ओर से वास्तविक स्थल पर जाकर मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन में कई प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जिनमें स्वच्छता में विद्यालय परिसर और कक्षाओं की सफाई, हाथ धोने की व्यवस्था और व्यक्तिगत स्वच्छता की आदतें (जैसे बच्चों की साफ-सफाई), जल संरक्षण में वर्षा जल संचयन, पानी के पुनः उपयोग और जल की उपलब्धता एवं गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इसके अलावा शौचालय में शौचालय की कार्यक्षमता और दिव्यांग-अनुकूल सुविधाएं, कचरा प्रबंधन में ठोस कचरे का उचित निपटान और प्रबंधन, हरियाली और पर्यावरण में स्कूल में हरियाली का रखरखाव, ईको-क्लब और अन्य हरित पहल को बढ़ावा देना आदि शामिल है। बीएसए उपासना रानी वर्मा ने बताया कि इस मूल्यांकन के बाद सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।