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रातोंरात बनवा दी रौजा की सड़क

Thu, 24 Jan 2013 05:30 AM IST
Ghazipur
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गाजीपुर। जिस सड़क के निर्माण के लिए न जाने कितनी बार धरना-प्रदर्शन हुआ, सड़क पर धान की रोपाई की गई... बावजूद सड़क नहीं बनी। बाद में सड़क निर्माण के लिए तत्कालीन डीएम लोकेश एम ने क्रिटिकल गैप फंड से 10 लाख रुपया पीडब्लूडी को अवमुक्त किया। फिर भी गड्ढे भरकर छोड़ दिए गए। ऐसे में अब जबकि रौजा ओवरब्रिज के निर्माण के लिए पायों के गड्ढे खोदे जा रहे हैं, ऐसे में रातोंरात विशेश्वरगंज से रौजा क्रासिंग तक हाट मिक्स प्लांट से सड़क बनवाया जाना सवालों के घेरे में आ गया है।
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नौ माह पूर्व रौजा की खस्ताहाल सड़क के निर्माण के लिए डीएम ने अपने क्रिटकल गैप फंड से दस लाख रुपये स्वीकृत किया था। साथ ही सड़क के किनारे नाली निर्माण के लिए अलग से धन दिया था। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया था कि सड़क निर्माण का इस्टीमेट तैयार कर लिया जाए। डीएम के निर्देश पर विभाग को पैसा भी स्थानांतरित कर दिया गया। जब विभाग ने काम शुरू कराया तो बरसात आ गई। बरसात के दिनों में इस सड़क से गुजरने में लोगों की रूह कांप जाती थी। जबरदस्त आक्रोश के बाद विभाग ने ठेकेदार के जरिए गिट्टी गिरवाया फिर भी सड़क का निर्माण नहीं हुआ। जब बरसात बीत गई तो निर्माण का कार्य शुरू कराया गया लेकिन कुछ ही दिन बाद निर्माण कार्य फिर से बंद कर दिया गया। पर मंगलवार की रात अचानक हाट मिक्स प्लांट की मशीन से सड़क का निर्माण कराया जाने लगा। अचानक सड़क बनते देख लोग भी चकित रह गए कि यह सब आनन-फानन में क्यों हो रहा है, कोई जवाब देने वाला नहीं था। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया है। बिना कुटाई के ही सड़क पर डामरीकरण कर दिया गया। बजरी ठीक से बैठाई नहीं गई है। उनका यह भी कहना है कि नौ महीने तक सड़क का निर्माण क्यों रोका गया जबकि डीएम ने बहुत पहले ही दस लाख रुपये जारी कर दिए थे। इधर रौजा ओवरब्रिज का भी निर्माण शुरू हो गया है। ऐसे में सड़क बनाए जाने का औचित्य समझ से परे है। लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज के लिए पिलर बनाने के लिए सड़क पर गड्ढा खोदा जाना है। ऐसे में सरकारी धन का दुरुपयोग किया जाना उचित नहीं है। जांच कराई जाए तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी उजागर होगी। इस बाबत पूछे जाने पर लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता बीएन यादव का कहना था कि सड़क के निर्माण के लिए धन पहले से ही पड़ा था, इसलिए निर्माण कराया गया। कहा कि गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। उधर डीएम प्रभुएन सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।
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