गाजीपुर। बाइक लूट मामले में जौनपुर जेल में बंद आरोपी अजय सिंह के नाम और पते को लेकर पुलिस का संशय अभी दूर नहीं हो सका है। भुड़कुड़ा थाने के हिस्ट्रीशीट रजिस्टर में चस्पा फोटो से भी उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस को उम्मीद है कि 10 मई को वारंट बी पर लाए जाने के बाद पहचान स्पष्ट हो सकेगी। इसके लिए पुलिस नेे अपनी तफ्तीश काफी तेज कर दी है।
मऊ में हुए एनकाउंटर में मारे गए बदमाश धीरज सिंह के भाई आनंद सिंह की तलाश पुलिस ने सरगर्मी के साथ शुरू की है। भाई के मारे जाने पर भी जब वह नहीं आया तो पुलिस भी हैरत में पड़ गई। इसके बाद जो छानबीन की गई उसमें कासिमाबाद पुलिस को चौंकाने वाला पहलू मिला। पुलिस की जांच से पता चला कि कासिमाबाद के वेद बिहारी पोखरे से कुछ महीनों पहले लूटी गई बाइक के साथ जौनपुर केराकत पुलिस द्वारा जो आरोपी पकड़ा गया था, उसका नाम अजय सिंह निवासी देवकली थाना मेहनगर आजमगढ़ है।
इस पर जब पुलिस ने उक्त आरोपी के नाम और पते की तस्दीक कि तो पता चला कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति देवकली गांव में नहीं है। इस पर पुलिस और हैरत में पड़ गई। सीओ कासिमाबाद रमेश गुप्ता का साफ कहना है कि जौनपुर जेल मेें बंद अजय सिंह वाकई में कोई और शख्स है।
उन्होंने बताया कि जेल में बंद आरोपी ने जो पता लिखाया है, उसमें पिता का नाम सही है लेकिन पता मारे गए बदमाश धीरज सिंह तथा उसके भाई आनंद सिंह के बहनोई यशवंत सिंह का है। फिर भी अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जौनपुर जेल में बंद आरोपी अजय नहीं बल्कि आनंद सिंह है। उनका कहना है कि आरोपी कौन है यह जानने के लिए उसे वारंट बी के तहत 10 मई को मुहम्मदाबाद कोर्ट में पेशी के लिए लाया जाएगा। यहां पर भुड़कुड़ा क्षेत्र के लोगों से उसकी पहचान कराई जाएगी।