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एकाकीपन के साथी ने ही ली अविनाश की जान

Wed, 23 Jul 2014 05:30 AM IST
Ghazipur
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वेद प्रकाश शर्मा
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गाजीपुर। भांवरकोल के शेरपुर कला गांव का अविनाश राय न तो कोई जादूगर था और न ही संपेरा। बीएससी मैथ की डिग्री पाया अविनाश अपने घर में अकेले ही रहता था और गांव-गिरांव के गरीब बच्चों को ट्यूशन पढ़ता था। इससे ही उसका जीवन चलता था। 15 वर्ष पूर्व डिस्कवरी चैनल पर दो अंग्रेजों को सांपों को पकड़ता देख उसकी ऐसी मनोदशा बदली कि वह विषधरों पर फिदा हो गया। छोटे डंडे के सहारे वह विषधरों को पकड़ता और अपना एकाकीपन दूर करने के लिए इन्हीं विषधरों से खेलता। लेकिन सोमवार को उसका यही शौक उसके लिए काल बन गया। जहरीले सांप को पकड़ने के दौरान सर्प ने उसे कई जगह डस लिया जिससे उसकी मौत हो गई।
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करीब 10 वर्ष पहले अमर उजाला से हुई बातचीत में उसने बताया था कि जैसे ही उसे इस बात की जानकारी होती थी कि आस-पास कहीं पर विषैला सांप निकला है तो वह तुरंत वहां पहुंच जाता था और उन्हें पकड़ लेता था। अविनाश के इस हुनर के बदौलत गांव वाले भी काफी निश्चिंत रहा करते थे कि सांप निकलेगा तो अविनाश है ना। सांप पकड़ने में अत्यंत सतर्कता बरतने वाला अविनाश खुद भी कहता था कि यह बहुत जोखिम भरा काम है और इसमें तब तक पलक भी नहीं झपकनी चाहिए जब तक कि सांप अच्छे से पकड़ में न आ जाए। हालांकि उसे भी क्या पता था कि उसक ी मौत की वजह भी विषधर ही बनेगा। सोमवार को अविनाश की नजर अपने गांव के एक खेत में बैठे लंबे जहरीले सांप पर पड़ी। बगैर समय गंवाए ही वह सांप को पकड़ने लगा। लेकिन जरा सी चूक हुई और सर्प ने उसे डस लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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