जखनिया। नियत प्राधिकारी/ उप जिलाधिकारी जखनिया भानु प्रताप सिंह की अदालत ने मंगलवार को मुडि़यारी ग्राम प्रधान मनीष कुमार यादव का निर्वाचन निरस्त/शून्य करते हुए अगली कार्यवाही के लिए जिला पंचायतराज अधिकारी को रिपोर्ट भेज दी है। इसको लेकर मुडि़यारी गांव में हड़कंप मचा हुआ है।
प्रकरण के मुताबिक वर्ष 2010 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मनीष कुमार यादव पुत्र श्याम नारायण यादव मुडि़यारी गांव के प्रधान निर्वाचित घोषित किए गए थे। चुनाव में इन्हें 602 मत मिले थे जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे सुभाष राजभर को 593 मत प्राप्त हुए थे। निर्वाचन के बाद विपक्षी सुभाष राजभर ने जखनिया एसडीएम की कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर निर्वाचित प्रधान की उम्र पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि प्रधान की वास्तविक 2010 में कुल 19 वर्ष है जबकि उन्होंने नाम निर्देशन और शपथ पत्र में फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए अपनी उम्र्र 22 वर्ष दर्शायी है। मामले की सुनवाई में विलंब होने पर प्रार्थी ने मामले की सुनवाई के लिए जिला जज को प्रार्थना पत्र दिया। जिला जज की अदालत ने एसडीएम जखनिया को 15 दिन के भीतर मामले की सुनवाई कर निस्तारण करने का आदेश दिया। फिर भी सुनवाई में विलंब हुई। इस पर प्रार्थी ने हाईकोर्ट में एसडीएम के खिलाफ रिट दायर कर दी। हाईकोर्ट के निर्देश पर एसडीएम भानू प्रताप सिंह ने पूरेे मामले की सुनवाई शुरू की और पत्रावलियों का भी अवलोकन किया। विपक्षी ने आरटीआई के तहत ग्राम प्रधान की हाईस्कूल का अंक प्रमाण पत्र साक्ष्य के रूप में एसडीएम कोर्ट को उपलब्ध कराई। जब ग्राम प्रधान से इस बाबत साक्ष्य मांगा गया तो वह स्पष्ट कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। कागजात की जांच में निर्वाचित ग्राम प्रधान की उम्र नाम निर्देशन पत्र में अंकित आयु 22 वर्ष के बजाए 19 वर्ष पाई गई। जिस पर फैसला सुनाते हुए एसडीएम कोर्ट ने प्रधान मनीष कुमार यादव का निर्वाचन निरस्त/शून्य करते हुए आदेश पारित कर दिया। इस संबंध में पूछे जाने पर प्रधान के पिता श्याम नारायण यादव का कहना था कि मैं इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती दूंगा।