बहरियाबाद। पाकिस्तान की कराची जेल में बंद स्थानीय कसबा निवासी दिनेश विश्वकर्मा की जल्द रिहाई हो जाएगी। उसे लाने के लिए पत्नी रुक्मिणी, भाई रजनीश, बहनोई सुजीत रविवार को मुगलसराय से वाघा बार्डर जाने के लिए ट्रेन पकड़ेंगे। उसकी रिहाई की सूचना आते ही परिवार सहित पूरे कसबे में खुशी का माहौल है।
दिनेश जुलाई 2011 में राजस्थान के भिवाड़ी (अलवर) स्थित एक प्राइवेट कंपनी में आपरेटर पद पर कार्यरत था। वहां पहुंचने के एक माह के अंदर उसने अपनी बेटी प्रिया से दो बार बात की थी। इसके बाद परिवार से उससे संपर्क टूट गया। परिजनों के बार-बार संपर्क करने पर उससे बातचीत नहीं हो पा रही थी। 19 मई 2013 को एलआईयू इंस्पेक्टर आरपी चौधरी दिनेश के घर पहुंचे और बताया कि दिनेश पाकिस्तान के कराची में सीमा उल्लंघन के मामले में जेल में बंद है। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। दिनेश के पाक की जेल में बंद होने की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की। इसके बाद कई मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों ने उसके घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाते हुए उसकी रिहाई के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा विश्वकर्मा महासभा की ओर से भी जुलूस निकालकर धरना-प्रदर्शन किया गया था, लेकिन इसके बाद भी दिनेश की रिहाई संभव नहीं हो सकी। इसके बाद भाजपा नेता डा. मुकेश सिंह भी दिनेश की रिहाई के प्रयास में जुट गए। इसी क्रम में शुक्रवार की रात करीब साढे़ 8 बजे दिनेश की मां कौशल्या देवी को भाजपा नेता डा. सिंह ने बताया कि दिनेश की रिहाई 26 मई को वाघा बार्डर से होगी। यह सुनते ही मां की आंखें खुशी से छलछला गई। शनिवार की शाम भाजपा नेता डा. सिंह स्थानीय पानी टंकी के पास पहुंचे और इसके बाद जुलूस की शक्ल में दिनेश के घर गए। उन्होंने परिजनों का मुंह मीठा कराया। दिनेश की रिहाई की खुशी पर कसबे में आतिशबाजी की गई। डा. सिंह ने दिनेश के परिजनों को पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए कहा कि उन्हें दिनेश को लाने के लिए रविवार को मुगलसराय से प्रस्थान करना है। इस मौके पर नरेंद्र पाठक, आकाश सिंह, राजेश सिंह, महताब खान, सत्येंद्र कुशवाहा, नरेंद्र कुशवाहा, रामजन्म सिंह, शिवपूजन चौहान आदि मौजूद थे।