गाजीपुर। शहर में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था चौपट हो चुकी है। बेतहाशा कटौती के साथ ही लो-वोल्टेज की समस्या से शहर के कई मुहल्ले ग्रस्त हैं। हालत यह है कि बल्ब जहां टिमटिमा रहे हैं, वहीं पंखे और कूलर रेंगते हुए चल रहे हैं। पर्याप्त बिजली न मिल पाने से टुल्लू पम्प पानी नहीं उठा पा रहे है, जिससे लोगों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। गर्मी के इस मौसम में लोगों को पानी के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है।
करीब दो सप्ताह पहले वो-वोल्टेज की वजह से जलनिगम टंकी का मोटर पूरी क्षमता से न चल पाने के लिए शहर कई मुहल्लों में पेयजल की संकट उत्पन्न हो गया है। बाद में वोल्टेज में वृद्धि होने से लोगों को इस समस्या से निजात मिला, लेकिन करीब एक सप्ताह से पुन: लो-वोल्टेज का संकट उत्पन्न हो गया है। शहर के कई इलाकों में वोल्टेज का आलम यह है कि 100 से लेकर सवा सौ तक वोल्टेज मिल रहा है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि कूलर और पंखे डोल रहे हैं। उनके पूरी रफ्तार से न चलने के कारण लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रहा है। वो-वोल्टेज का सबसे खराब असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है। जिन लोगों ने टंकी में पानी चढ़ाने के लिए घरों में टुल्लू पम्प लगा रहा है, वह भी क्षमता से कम बिजली मिलने की वजह से पानी नहीं उठा रहे हैं, जिससे लोगों को प्यास नहीं बुझ पा रही है। पानी के लिए लोगों को घरों के आसपास स्थित हैंडपंपों और कुओं तक की दौड़ लगानी पड़ रही है। किसी तरह थोड़ा-बहुत पानी की व्यवस्था कर लोग काम चलाने को विवश हो रहे हैं। बिजली रहने पर भी वो-वोल्टेज की वजह से लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
कोट
ऊपर से ही वोल्टेज की दिक्कत है। अंधऊ सब स्टेशन से उपकेंद्र पर 29 हजार वोल्ट आ रहा है, जबकि 33 हजार वोल्ट आना चाहिए। अधिशासी अभियंता को समस्या से अवगत करा दिया गया है। बारिश के बाद ही इसका समाधान संभव है। पहली बारिश के बाद वोल्टेज में बढ़ोत्तरी हो जाएगी।
-जेई अकबर अली, प्रकाशनगर उपकेंद्र