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देवी आराधना का चढ़ने लगा रंग

Sun, 30 Mar 2014 05:32 AM IST
Ghazipur
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गाजीपुर। सोमवार से वासंतिक नवरात्र की शुरूआत हो रही है। इस बार नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्र में जगत जननी कीपूजन-अर्चन की तैयारियों मेें श्रद्धालु जुट गए हैं। नवरात्र के पहले दिन गहमर स्थित मां कामाख्या धाम, करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी देवी, दिलदारनगर स्थित शायर माई, रेवतीपुर स्थित मां भगवती देवी, बहादुरगंज स्थित मां चंडी धाम, सैदपुर स्थित काली मंदिर, मुहम्मदाबाद स्थित मनोकामना देवी सहित जिले के अन्य प्रसिद्ध देवी मंदिरों में भक्तों का रेला उमड़ेगा।
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शक्तिपीठों में महत्वपूर्ण है कामाख्या धाम
एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर स्थित आदिशक्ति मां कामाख्या धाम पूर्वांचल के लोगों के आस्था एवं विश्वास का केंद्र है। शक्तिपीठों में अलग महत्व वाला यह धाम अपने आप में तमाम पौराणिक इतिहास समेटे हुए है। कहा जाता है कि यहां जमदग्नि, विश्वामित्र सरीखे ऋषि-मुनियों का सत्संग समागम हुआ करता था। विश्वामित्र ने यहां एक महायज्ञ भी किया था। मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने यहीं से आगे बढ़कर बक्सर में ताड़का नामक राक्षसी का वध किया था। मंदिर स्थापना के बारे में कहा जाता है कि फतेहपुर सिकरी में सिकरवार राजकुल पितामह खाबड़ जी महाराज ने कामगिरी पर्वत पर जाकर मां कामाख्या देवी की घोर तपस्या की थी और उनकी तपस्या से प्रसन्न देवी ने कालांतर तक सिकरवार वंश की रक्षा करने का वरदान दिया था। वर्ष 1840 तक मंदिर में खंडित मूर्तियों की ही पूजा होती थी। 1841 में गहमर के एक स्वर्णकार तेजमन ने मनोकामना पूरी होने के बाद इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। वर्तमान समय में मां कामाख्या सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां मंदिर परिसर में स्थापित है। शारदीय एवं वासंतिक नवरात्र में भक्तों में भीड़ उमड़ती है। इसके अलावा दिलदारनगर रेलवे स्टेशन स्थित सायर माता का मंदिर, करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी भवानी, रेवतीपुर स्थित भगवती माई मंदिर, बहादुरगंज स्थित चंडी माता मंदिर, शहर के रौजा रजदेपुर स्थित शीतला माता मंदिर भी लोगों के आस्था एवं विश्वास का केंद्र है। इन मंदिरों में पूरे नवरात्र दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ेगी।
इनसेट
देवी मंदिरों में शुरू हुई नवरात्र की तैयारी
गाजीपुर। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न देवी मंदिरों में नवरात्र की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिरों की रंगाई-पुताई के साथ ही युद्धस्तर पर साफ-सफाई का कार्य शुरू हो गया है। जिन प्रसिद्ध मंदिरों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, वहां मंदिर समिति की ओर से दर्शन-पूजन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
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वासंतिक नवरात्र की शुरुआत सोमवार से हो रही है। गहमर स्थित मां कामाख्याम धाम, करीमुद्दीनपुर मां कष्टहरणी देवी, दिलदारनगर स्थित सायर माता मंदिर, बहादुरगंज स्थित चंडी धाम, रेवतीपुर स्थित भगवती माई मंदिर, सैदपुर तहसील के पास स्थित मां काली मंदिर, मुहम्दाबाद तहसील स्थित मनोकामना देवी, अमवा की सती माई चौरा, शहर के हमीद सेतु स्थित मां काली मंदिर, नवाबगंज स्थित मां शितला मंदिर, शहर के रौजा, रजदेपुर स्थित शीतला माता मंदिर,शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में नवरात्र की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर में रंगरोगन के साथ ही साफ-सफाई का कार्य जोरों से शुरूहो गया है, जिसे रविवार की शाम तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा। देवकली संवाददाता के अनुसार गंगा के तटवर्ती क्षेत्र चकेरी धाम स्थित आदि शक्ति मां दुर्गा मंदिर में महंत संत त्रिवेणी दास जी महाराज की देखरेख में साफ-सफाई का कार्य जोर-शोर से चल रहा है।
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