गाजीपुर। बंद पड़ी नंदगंज चीनी मिल, बड़ौरा की कताई मिल को चालू करने सहित अन्य मांगों को लेकर आखिरकार अखिल भारतीय किसान सभा का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को सरजू पांडेय पार्क में शुरू हो गया। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने अपने हक और अधिकार के लिए लामबंद होकर हुंकार भरी। कहा कि हमारी मांगों को सरकार अविलंब पूरा करें वर्ना किसान अब चुप बैठने वाले नहीं हैं।
धरना सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र यादव ने कहा कि गाजीपुर जनपद सबसे पिछड़ा हुआ जिला है। यहां उद्योग धंधे पूरी तरह से शून्य हैं। इसलिए जिले के किसान पूरी तरह से विपन्न हैं। युवा बेरोजगार है और उनका भविष्य अंधकारमय है। इसके लिए बीते 7 अगस्त से 1 सितंबर 2013 तक चीनी मिल को चालू कराने, गन्ना और धान क्रय केंद्रों की स्थापना, कटया गन्ना शोध संस्थान को सक्रिय करने तथा बड़ौर कताई मिल को पुन: चालू करने की मांग को लेकर नंदगंज में बड़ा आंदोलन किया गया। इसपर सपा नेताओं ने चीनी मिल को तीन माह के अंदर चालू कराने की घोषणा की लेकिन मिल अभी तक चालू नहीं हो सकी। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद किसानों को मजबूर होकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करना पड़ा है। किसान सभा के संयोजक डा. केएन सिंह ने नंदगंज चीनी मिल को चालू करने, ताड़ीघाट को मऊ रेलवे लाइन से जोड़ने की मांग की। कहा कि गाजीपुर में राज्यपोषित विश्वविद्यालय की स्थापना हरहाल में की जाए। उपाध्यक्ष रामकेर यादव ने कहा कि गाजीपुर को पिछड़े जिलों की सूची में शामिल कर सरकार यहां के विकास के लिए अतिरिक्त पैकेज दें। साथ ही कृषि उत्पाद पर आधारित औद्योगिक संस्थानों की स्थापना भी की जाए। जिला मीडिया प्रभारी राणा विजय राजभर ने कहा कि सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सभी पंप कैनालों को पूरी क्षमता के साथ चलाकर टेल तक पानी छोड़ा जाए। साथ ही जिले में बंद पड़े नलकूपों को भी चालू कराया जाए, ताकि किसान अपनी फसलों की सिंचाई कर सकें। इस मौके पर राजदेव यादव, महेंद्र सिंह, कमलाशंकर यादव, दीनानाथ सिंह, भूपनारायण, मंटू अंसारी, श्याम नारायण सिंह, राजेंद्र राय आदि उपस्थित थे।