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मनरेगा में लापरवाही पर 22 कर्मियों पर गिरी गाज

Sun, 01 Dec 2013 05:42 AM IST
Ghazipur
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गाजीपुर। उपायुक्त श्रम एवं रोजगार अनय मिश्रा ने शनिवार को विकास भवन के सभागार में सात ब्लाकों के दस-दस ग्राम पंचायतों की समीक्षा की। इस दौरान मनरेगा में लापरवाही मिलने पर 22 कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कई कर्मियों को आरोप पत्र भी दिया। उपायुक्त श्रम एवं रोजगार की इस कार्रवाई से कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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डीएम के निर्देश पर शनिवार को सैदपुर, सादात, जखनिया, जमानिया, बाराचंवर, मरदह सहित सात ब्लाकों की दस-दस ग्राम पंचायतों की समीक्षा की गई। इसमें उन्हीं ग्राम पंचायतों को बुलाया गया था। जिन्होंने मनरेगा की रकम खर्च करने में आनाकानी कर रहे थे। उपायुक्त श्रम एवं रोजगार अनय मिश्रा ने बैठक के दौरान एक-एक ग्राम पंचायतों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सादात ब्लाक के पलिवार के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी वीरेंद्र को लापरवाही के आरोप में प्रतिकूल प्रविष्टि दी। मिर्जापुर के ग्राम पंचायत अधिकारी आशीष को आरोप पत्र दिया गया। बौरहां के सचिव अखिलेश मिश्रा पर भी विभागीय कार्रवाई की गई। बूढ़नपुर के ग्राम विकास अधिकारी अंगद राम का वेतन रोका गया। पिपनार के ग्राम विकास अधिकारी रामबली को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। सैदपुर में टीए शैलेंद्र विश्वकर्मा को बेहतर काम करने पर प्रशंसा मिली। ताजपुर मोलना के सचिव ने बताया कि बीडीओ स्तर पर मस्टररोल देने में आनाकानी की जाती है। ईशोपुर में विनोद कुमार टीए का वेतन काटा गया। होलीपुर के ग्राम विकास अधिकारी प्रमोद कुमार के अनुपस्थित रहने पर अलग से तलब करने का निर्देश दिया गया। कलवरा में बाबू राम और बिजौरा के रमेश चंद ग्राम विकास अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई। इसकी जानकारी देते हुए उपायुक्त श्रम एवं रोजगार अनय मिश्रा ने बताया कि कुल मनरेगा में लापरवाही करने के विरूद्ध कुल 22 कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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