गाजीपुर । मनरेगा योजना में जान डालने के लिए गुरुवार को विकास भवन के सभागार में ग्राम प्रधानों एवं सचिवों के साथ ही रोजगार सेवकों को धन खर्च नहीं होने पर नसीहत दी गई। उपायुक्त श्रम एवं रोजगार अनय मिश्रा ने साफ किया कि मनरेगा का धन खर्च करने की जिम्मेदारी पंचायतों की है।
सदर, देवकली और भदौरा, करंडा, मनिहारी और रेवतीपुर की उन ग्राम पंचायतों को बैठक में बुलाया गया था। जिन्होंने बीते तीन माह में मनरेगा का धन खर्च करने में आनाकानी की। गुरुवार को उपायुक्त श्रम एवं रोजगार ने एक-एक ग्राम पंचायतों के प्रधानों से धन खर्च करने के संबंध में जानकारी मांगी तो अधिकांश ग्राम प्रधानों ने बताया कि धन खर्च करने में खुद सचिव और मनरेगा कर्मी लापरवाही कर रहे हैं। जब सचिवों की बारी आई तो कई सचिव का संतोषजनक जबाव नहीं मिलने पर उपायुक्त श्रम एवं रोजगार अनय मिश्रा ने साफ किया कि तत्काल मजदूरों को काम दिया जाए। मिट्टी से जुड़े कार्य शुरू करा दिए जाएं। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने रोजगार सेवकों को भी कार्य में सुधार लाने की नसीहत दी। कहा कि यदि ग्राम प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक मिलकर काम करें तो योजना तेजी से दौड़ने लगेगी। अनय मिश्रा ने बताया कि बैठक में मनरेगा में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।