मुहम्मदाबाद। गंगा की कटान के चलते शिविरों में रह रहे पीड़ितों की कोई सुध लेने वाला नहीं है। परिवार और मवेशियों के साथ बदहाली में दिन काट रहे लोगों को राहत के नाम पर कुछ खास नहीं मिल रहा है। सभी पीड़ितों के चेहरे पर मायूसी, आंखों में आंसू के साथ ही प्रशासन के प्रति जबर्दस्त गुस्सा है। हालत यह है कि बारिश से उनके सामान भीग रहे हैं, तो उमस और गंदगी से बच्चे बीमार हो रहे हैं। चारे के अभाव में भूखे मवेशियों की हालत भी पस्त होने लगी है।
शिवराय का पुरा एवं सेमरा के कटान पीड़ितों प्राथमिक पाठशाला सेमरा-प्रथम, प्राथमिक विद्यालय- द्वितीय, जूनियर हाईस्कूल, जच्चा-बच्चा केन्द्र एवं टिनशेड डाल कर बनाए गए शिविरों में अपने मवेशियों एवं परिवार संग आश्रय लिए हुए हैं। प्रशासन की ओर से सुविधा देने के नाम पर खास कुछ भी नहीं किया गया है। शिविरों के पास अलग से मड़ई एवं प्लास्टिक डालकर छोटे-छोटे स्थान में मवेशियों एवं सामान के साथ सपरिवार रह रहे लोग मायूस हैं। सबसे दयनीय स्थिति टिनशेड डाल कर बनाए गए शिविरों में रह रहे दलित बस्ती के लोगों की है। सैकड़ों लोग एक छोटे से टिनशेड में रह रहे हैं। ऐसे में अक्सर इनका सामना विषैले जीव जंतुओं से भी हो रहा है। लोगों में एक ही आस है कि सरकार जमीन दे दे तो वह अपने छप्पर आदि डाल कर गुजर बसर करें।