सादात। शिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण शिक्षण संस्थाएं अपनी पहचान खोती जा रही हैं। शिक्षा की नीति में आई खामियों का ही यह नतीजा है। शिक्षा के अभाव में समाज में जातिवाद और ऊंच-नीच की भावना पैदा हुई है। ये बातें प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने कृष्ण-सुदामा पीजी कालेज मर्दापुर में आयोजित 19वें बापू मेले के उद्घाटन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा में गिरावट के साथ-साथ राजनीति में भी गिरावट आई है। इससे कोई राजनेता अब दूध का धुला नहीं रह गया है। आज समाज में सोशल इंजीनियरिंग की आवश्यकता है, जिसको शिक्षक ही पूरा कर सकता है। अध्यक्षता कर रहे पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुंदरलाल ने कहा कि बापू बाजार का आयोजन सबसे पहले 30 जनवरी 2011 को किया गया। इसके माध्यम से राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र-छात्राओं की ओर से समाज के संपन्न लोगों के यहां कपड़े, जूते, बर्तन आदि सामग्री एकत्र कर बापू बाजार में अपने-अपने स्टाल लगाए जाते हैं और इसकी दो से 10 रुपये तक में बिक्री करते है। इससे जो धनराशि प्राप्त होती है, उसे विश्वविद्यालय के स्वाभिमान कोष में जमा कर दिया जाता है। इस अवसर पर संरक्षक फूलचंद यादव, खालिद अमीर, नन्हकू यादव, सत्येंद्र यादव, नन्हकू विश्वकर्मा, रमेश यादव, डा. कमलेश यादव, गोपाल शर्मा, रामदास आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम में डायट प्रवक्ता रामअवतार यादव ने कैबिनेट मंत्री और कुलपति को जनपद गाजीपुर एक अध्ययन शोध संग्रह की प्रति भेंट की। कार्यक्रम के बाद कैबिनेट मंत्री डा. नन्हकू यादव के चैनपुर स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने जिला मुख्यालय पूर्वांचल विश्वविद्यालय तक के लिए रोजाना रोडवेज की बस चलवाने की आश्वासन दिया।