गाजीपुर। करीमुद्दीनपुर क्षेत्र के पहराजपुर में करंट से बालिका की मौत हुए 15 दिन बीत चुके हैं। इसके बावजूद बिजली निगम हरकत में नहीं आया है। जनपद के 415 गांवों में बिजली के जर्जर तार लटक रहे हैं। इसके कारण आने वाले दिनों में और हादसा होने की संभावना बनी हुई है। जिले में तीन साल में तीन प्रमुख योजनाओं के जरिये बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पटरी पर लाने के नाम पर 93.51 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। इन तीनों योजनाओं के तहत जर्जर बिजली के तारों को बदलना भी प्रस्तावित था। तीनों योजनाओं की समयावधि पूरा हो गई और बजट भी खप गया, लेकिन आज भी जिले के विभिन्न जगहों पर बिजली के जर्जर तार लटक रहे हैं। इन योजनाओं में प्रमुख रूप से बिजनेस प्लान, आरडीएसएस व रिवैंप योजना शामिल है। रिहायशी झोपड़ी, मकान, खेत, सड़क से लेकर गलियों तक के ऊपर से जर्जर तार गुजरे हुए हैं। उन्होंने कई बार जिम्मेदारों से जर्जर तारों को बदलने की गुहार लगाई, लेकिन नतीजा सिफर निकला।
केस एक
दुबिहा में खेत के ऊपर से बिजली का जर्जर तार गुजरा हुआ है। इसको बांस की फंटी के सहारे सहारा दिया गया है। खेत में काम करने वाले किसान हमेशा चिंतित रहते हैं कि कहीं उनके ऊपर जर्जर तार टूटकर गिर न जाए। पूर्व में कई हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन बिजली निगम की ओर से इसके बाद भी कोई पहल नहीं की गई।
केस दो - तियरा में जर्जर तार नीचे की ओर लटक रहा है। इसकी स्थिति देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि कभी भी तेज हवा के झोेंके से यह नीचे गिर सकता है। ग्रामीणों की ओर से शिकायत किए जाने के बाद भी जिम्मेदार कुंभकर्णी निद्रा से नहीं जागे हैं।
योजना में खर्च हुए रुपये
- आरडीएसएस - 53 करोड़
- रिवैंप - 33 करोड़
- बिजनेस प्लान - 07.51 करोड़
बिजली निगम की ओर से जर्जर बिजली के तारों को बदलने व अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। बजट खर्च हो जाता है, लेकिन तस्वीर नहीं बदलती है। - सतीश, तियरा
गांवों के जर्जर तारों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाना चाहिए। लेकिन, बिजली निगम के रवैये को देखकर ऐसा लग रहा है कि वह गांवों की उपेक्षा कर रहा है। - संतोष राय, नेवादा
हादसों के बाद भी निगम के अभियंता सक्रिय नहीं होते हैं। हादसा होने पर किसी अभियंता का निलंबन व पीड़ित परिवार तक मुआवजे की प्रक्रिया तक ही मामला सिमट जाता है। - अभिषेक यादव, कुढ़ालंभी आलमपुर
डेढ़ माह में तीन जानलेवा हादसे
- 5 अगस्त वर्ष 2026 को करंट से पहराजपुर में 12 वर्षीय बालिका की मौत।
- 10 जुलाई वर्ष 2026 को सैदपुर में बारिश के दौरान खेत किनारे लगे खंभे के स्टे वायर में करंट उतरने से मां-पुत्री की मौत हो गई।
-9 जुलाई वर्ष 2026 को दुल्लहपुर में करंट से युवक की मौत हो गई।
बिजनेस प्लान के तहत 50 लाख रुपये की मंजूरी शासन से मिली है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के जर्जर तारों को बदला जाएगा। कुछ नए प्रस्ताव बनाकर भी शासन को भेजे जा रहे हैं। - विवेक खन्ना, अधीक्षण अभियंता बिजली निगम
दुबिहा गांव स्थित बिजली का जर्जर तार। संवाद
दुबिहा गांव स्थित बिजली का जर्जर तार। संवाद