फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आदेश की धज्जियां उड़ा रहे चिकित्सक

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर। कोर्ट ने चिकित्सकों के लिए फरमान जारी करते हुए कहा था कि वह मरीजों की पर्ची पर दवाओं तथा जांच के नाम स्पष्ट तरीके से लिखेंगे। स्थानीय तथा आसपास के क्षेत्र में अदालत के इस आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अब तक न जाने कितने लोग चिकित्सकों की इस लापरवाही के चलते इसके कारण कई बार मरीज गलत दवा ले लेते हैं। उन्हें तमाम तरह की परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर जीसी मौर्या ने बताया कि मरीजों का काफी दबाव रहता है इसलिए जल्दी-जल्दी में साफ नहीं लिख पाते हैं, बताया कि चिकित्सालय में पर्याप्त कंम्प्यूटर की व्यवस्था न होने से यह समस्या आ रही है।
विज्ञापन

फार्मासिस्ट भी डाक्टरों की घसीटी राइटिंग में लिखे नुस्खे दवाओं के नाम को नहीं पढ़ पाते हैं। डाक्टरों को अब या तो अपने नुस्खे कैपिटल यानी बड़े अक्षरों में लिखना होगा या उन्हें टाइप करना होगा। चिकित्सकों की लिखावट ठीक से नहीं पढ़ पाने से मेडिकल स्टोर संचालक उसकी जगह गलत दवा दे देते है। मरीजों को एक तरफ जहां पैसे की मार झेलना पड़ता है वहीं आए दिन दवाओं के दुष्प्रभाव झेलना पड़ता है। वहीं मरीजों के परिजनों को चिकित्सकों के द्वारा पर्ची पर क्या लिखा है यह समझ नहीं पाते जिसके चलते उन्हें दुकानदार गलत दवा दे देते हैं। अदालत ने गंदी राइटिंग में दवा का प्रिस्क्रिप्शन लिखने में प्रतिबंध लगा दिया है। अदालत के इस फैसले को लेकर लोग सहमत नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें