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परिपक्व कथाकार की पुष्टि कराती है कहानियां

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गाजीपुर। परांत: की कहानियां जीवन विविध पक्षों को लेकर लिखी गई हैं। इनकी बुनावट परिपक्व कथाकार होने की पुष्टि कराती हैं। कई कहानियां समसामयिक होने के साथ संवेदनशील भी है। यह बात वरिष्ठ साहित्यकार डा. पीएन सिंह ने गौतमबुद्ध नगर कालोनी स्थित अपने आवास पर आयोजित साहित्य प्रकाशन गाजीपुर के तत्वावधान में डा.रामबदन राय की कहानी-संग्रह ‘परांत:’ के विमोचन कार्यक्रम में कही।
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कहा कि यह पुस्तक विविध कहानियों का संग्रह है, जो अपने उद्देश्य पर सफल होगी। अध्यक्षीय संबोधन में साहित्यकार डा. मांधाता राय ने कहा कि परांत: की कहानियां यथार्थ स्थिति का बोध कराने वाली हैं। इनके पात्र जीवंत होने के साथ -साथ जीवन मूल्यों के प्रति सचेष्ट हैं। लेखक रामावतार ने कहा कि इसमें रोचकता कूट-कूटकर भरी हुई है। शिल्प विधान विषयानुकूल है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि लोक व्यंजनाओं की चासनी में पागकर डा. राय ने कुछ आप बीती, कुछ जग बीती घटनाओं को कलात्मक ढंग से शब्द-रूप देकर जो कहानियां लिखी हैं। वह पाठक के अन्तर्मन को छू लेने वाली हैं। कहानियां आत्म केन्द्रित होते हुए भी आम जन की समस्या बनकर उभरी हैं। इस मौके पर डा. गजाधर शर्मा ‘गंगेश’, डा. ऋचा राय, शेषनाथ राय, नगीना कुशवाहा, डा. धर्म नारायण मिश्र, रामबदन सिंह, जितेंद्रनाथ घोष, परवेज खान, प्रमोद कुमार राय, पारसनाथ यादव, डा. जयशंकर सिंह, बालेश्वर विक्रम आदि ने भाग लिया। अंत में लेखक डा. रामबदन राय ने पुस्तक के उद्देश्य की रूप रेखा प्रस्तुत करते हुए आगंतुकों का आभार जताया।
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