गाजीपुर। केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लघु एवं सीमांत कृषकों के खाते में वर्ष में छह हजार रुपये देने की व्यवस्था से छोटी जोत के किसानों को राहत मिलेगी। दूसरी तरफ कुछ किसानों ने इस धनराशि को नाकाफी बताते हुए इसमें और वृद्धि करने की मांग की है।
किसान सम्मान निधि योजना में दो हेक्टेयर अथवा आठ बीघा या उससे कम भूमि वाले किसानों के खाते में चार माह पर दो हजार रुपया भेजे जाने की व्यवस्था का आम किसानों ने स्वागत किया है। मुख्यतया किसान तीन फसल रबी, खरीफ एवं जायद में अलग-अलग जिंसों की खेती करते हैं। तीनों फसल मौसम के आधार पर निर्धारित की गई है। इन्हीं तीनों फसलों की खेती के लिए प्रत्येक फसल में दो हजार रुपये की सहायता देने की केंद्र सरकार ने व्यवस्था की है। केंद्र सरकार की इस योजना से जिले में दो हेक्टेयर या उससे कम भूमि वाले तीन लाख 84 हजार 876 किसानों को लाभ मिलेगा। जिले में कुल किसानों की संख्या चार लाख आठ हजार 382 है। जिनकी कुल कृषि भूमि दो लाख 78 हजार 515 हेक्टेयर है। इसमें से आधा हेक्टेयर से कम खेत वाले दो लाख 62 हजार 104 किसान हैं। आधा से एक हेक्टेयर तक 79 हजार 227 किसान हैं। एक से दो हेक्टेयर तक के खेत वाले 43 हजार 545 किसान हैं। दो से चार हेक्टेयर तक के खेत वाले 18 हजार 600 किसान, चार से 10 हेक्टेयर तक खेत वाले चार हजार 598 किसान और 10 हेक्टेयर से अधिक खेत वाले 308 किसान हैं। इस तरह देखा जाये तो सरकार की घोषणा से लाभ प्राप्त करने वाले दो हेक्टेयर अथवा आठ बीघा से कम वाले किसानों की संख्या तीन लाख 84 हजार 876 है। जिन्हें सरकारी खजाने से प्रत्येक चार माह पर उनके खाते में दो हजार की धनराशि भेजी जाएगी। किसान इस सहायता राशि से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। उनका मानना है कि सरकार ने एक अच्छी शुरुआत की है और आगे आने वाले समय में यह धनराशि बढ़ाई जा सकती है। सबसे संतोष की बात यह है कि बजट भले ही वर्ष 2019-20 के लिए पेश किया गया हो और इसमें किसान सम्मान निधि के रूप में 75 हजार करोड़ की व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद इस योजना के दिसंबर 18 से लागू कर केंद्र सरकार वर्तमान समय के लिए भी 20 हजार करोड़ की व्यवस्था कर मार्च 19 तक सभी लघु एवं सीमांत किसानों के खाते में दो-दो हजार की पहली किश्त भेज रही है। जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने कहा कि किसानों को योजना से लाभान्वित किया जाना है। सरकार से निर्देश प्राप्त होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।