मरदह(गाजीपुर)। कासिमाबाद तहसील के घरिहां गांव निवासी सुधांशु सिंह का 2018-19 के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी प्रांत के प्रदेश मंत्री के रूप में चुनाव किया गया है। वह अहमदाबाद में 27 से 30 दिसंबर तक होने वाले 64वें राष्ट्रीय अधिवेशन में पदभार ग्रहण करेंगे। यह जानकारी परिषद के काशी प्रांत के प्रांत कार्यालय मंत्री ने दी। उधर विकासखंड के घरिहां गांव के मूल निवासी डॉ. परमेंद्र सिंह का सत्र 2018-19 के लिए जम्मू कश्मीर प्रदेश के एबीवीपी के अध्यक्ष के रूप में चुनाव किया गया। डॉ. परमेंद्र सिंह अहमदाबाद में होने वाले 64वें राष्ट्रीय अधिवेशन में पदभार ग्रहण करेंगे। यह जानकारी एबीवीपी प्रदेश कार्यालय जम्मू के चुनाव अधिकारी डॉ. वीरेंद्र कौंडल ने दी है।
मालूम हो कि डॉ. परमेंद्र कृषि विश्वविद्यालय जम्मू में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। वह बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक रहे। 1990 में उन्होंने संघ शिक्षा वर्ग प्राथमिक किया और वर्ष 94 में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संपर्क में आए और महानगर सहमंत्री काशी, जिला प्रमुख प्रदेश मंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। उदय प्रताप कॉलेज वाराणसी से स्नातक कृषि करने के बाद नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद से सस्य विज्ञान में परास्नातक किया। वहां जिला प्रमुख साकेत (अयोध्या) एवं प्रदेश मंत्री (मध्य उत्तर) प्रदेश के दायित्वों का निर्वहन करते हुए 2001 से 2005 तक विद्यार्थी परिषद के पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में महानगर संगठन मंत्री लखनऊ, जिला विभाग संगठन मंत्री अयोध्या के दायित्व को बखूबी निभाया। 2006 में डॉ. सिंह प्राध्यापक के रूप में कृषि विश्वविद्यालय जम्मू में नियुक्त हुए। जम्मू कश्मीर में अपनी सक्रियता बनाते हुए प्रांत कार्यकारिणी सदस्य, विभाग प्रमुख, प्रदेश प्रमुख आदि दायित्वों का निर्वहन किया। वह एग्रीविजन के संस्थापक सदस्य एवं राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के सदस्य भी हैं। जम्मू कश्मीर में सूचना अधिकार अधिनियम 2009 लागू करवाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के 22 शोध पत्रों का लेखन किया। डॉ. सिंह 27 से 30 दिसंबर तक अहमदाबाद में चलने वाले एबीवीपी के राष्ट्रीय अधिवेशन में जम्मू कश्मीर के प्रदेश अध्यक्ष का विधिवत दायित्व ग्रहण करेंगे। उनके जम्मू कश्मीर एबीवीपी का प्रदेश अध्यक्ष बनने पर क्षेत्र, जिले सहित पूर्वांचल में प्रसन्नता है।