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हजारों की आबादी वाले गांव में गिनती के लोगों को मिला पानी का कनेक्शन

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सुहवल। क्षेत्र के लोगों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों की लागत से रिंगरोड के पास स्थापित पानी टंकी का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। वजह दो वर्ष बाद भी हजारों की आबादी वाले गांव में गिनती के लोगों को ही कनेक्शन मिल पाया है। यही नहीं अभी तक महज 19 किमी ही पाइप लाइन बिछ सकी है। इसके चलते लोग दूषित पानी पीने को विवश हैं।
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करीब 50 हजार की आबादी वाले रेवतीपुर गांव के पूर्वी छोर पर 4 करोड़ 87 लाख रुपए की लागत से वर्ष 2015 में 1000 किलोलीटर पानी की टंकी बनकर तैयार हुई थी। इस टंकी से घर-घर पानी पहुंचाने के लिए 27 किमी पेयजल की पाइप लाइन बिछाई जानी थी लेकिन अभी तक महज 19 किमी ही पाइप लाइन बिछ सकी है। चिंता की बात तो यह है कि हजारों की आबादी वाले इस गांव में अभी तक पेयजल के मात्र 50 कनेक्शन ही दिए गए हैं। लोगों ने बताया कि जो पाइप लाइन बिछी है वह जगह-जगह लीकेज है।
ग्रामीणों के अनुसार दो दिनों से पानी टंकी की मोटर खराब होने से आपूर्ति ठप होने के कारण पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। लोगों ने बताया कि पानी टंकी पर तैनात कर्मचारी नदारद रहते हैं और टंकी पर बराबर ताला लटका रहता है। गांव के नंदू यादव ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। विभू राय ने कहा कि करोड़ों की लागत से बनी पानी टंकी अधिकारियों की उदासीनता के चलते शोपीस बनकर रह गई है। नितेश राय ने कहा कि दो वर्षों बाद भी पूरी पाइप लाइन नहीं बिछ सकी है। रोशन उपाध्याय ने कहा कि अगर जल्द आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल नहीं की जाती है तो ग्रामीण सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। इस संबंध में जल निगम के अवर अभियंता जावेद फिदा हुसैन खां ने कहा कि पाइप लाइन बिछाने का सर्वे कार्य जारी है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। खराब पड़ी मोटर को बनाने के लिए गाजीपुर मुख्यालय भेज दिया गया है। उसकी मरम्मत पूरा होते ही टंकी को सुचारू रूप से चालू कर दिया जाएगा।
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