गाजीपुर। निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद प्राय: प्रमुख दलों के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार साथ सभासद पद के प्रत्याशियों ने गणना से पहले से बूथ एजेंटों और समर्थकों संग बैठक कर वोटों की गिनती शुरू कर दी है। वह कागज-कलम के साथ ही उंगली पर इस बात की गिनती कर रहे हैं कि किस मुहल्ले से उन्हें संभावित कितना वोट मिला है। कुल मिलाकर एक दिसंबर को मतों की गणना के बाद यह पता चलेगा कि निकाय चुनाव में किसके हाथ निराशा और किसके हाथ खुशी लगेगी, लेकिन प्रत्याशियों ने गणना से पहले ही अपने दीमागी कंप्यूटर से मतों की काउंटिंग शुरू कर दी है।
जिले में तीन नगर पालिका परिषद एवं पांच नगर पंचायतों के लिए पहले चरण में बुधवार को मतदान कराया गया। इस चुनाव में अध्यक्ष पद की आठ सीटों के साथ ही सभी निकायों के 136 वार्डों के लिए चुनाव हुआ। चुनावी जंग जीतने के लिए ताल ठोंक रहे सभी दावेदारों ने दिन-रात एक कर दिया था। एक-एक मतदाता से मिलकर वोटों की गुहार लगाई गई थी। आलम यह था कि अंतिम समय में चुनाव के दिन भी प्राय: सभी प्रत्याशियों के साथ बूथों पर पहुंचाने वाले मतदाताओं से हाथ जोड़कर अपने प्रत्याशी का चुनाव चिह्न याद दिलाते रहे। सुबह साढ़े सात बजे शुरू हुआ मतदान शाम को पांच बजे संपन्न हो गया। इसके बाद प्रत्याशियों और समर्थकों ने आपस में वोटों की गुणा-गणित शुरू कर दी। किस मुहल्ला में कितना संभवत: कितना मत मिला है, इसकी गिनती करने में व्यस्त रहे। इस दौरान कई मुहल्लों में रहने वाले परिचितों से फोन कर यह पता लगाते रहे कि उनके मुहल्ला में उनकी पार्टी की क्या स्थिति थी। कुल मिलाकर एक दिसंबर को मतों की गणना के बाद यह पता चल ही जाएगा कि किसके हाथ निराशा लगी और किसके हाथ खुशी, लेकिन प्रत्याशियों के साथ ही समर्थक चुनाव संपन्न होने के बाद मतों की गणना से पहले ही अपने दीमागी कंप्यूटर में काउंटिंग शुरू कर दी है।