गाजीपुर। शहर के साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा पूजा के लिए पंडाल बनाया जा रहा है। पंडालों में लकड़ी, कपड़ा, थर्माकोल आदि का प्रयोग किया जाता है। कई पंडालों के ऊपर और काफी करीब से बिजली के हाईटेंशन और एलटी तार गुजर रहे हैं। खतरे को देखते हुए कई पूजा कमेटी के लोगों ने तारों पर प्लास्टिक की पाइप लगवाई है। जबकि अब भी कई पंडालों के पास से नंगे तार दौड़ रहे हैं। इन पंडालों के ऊपर और काफी करीब से गुजरे बिजली के तारों के टूटने अथवा शार्ट-सर्किट होने पर आग लगने की घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
शहर में नवाबगंज चौराहा के पास दुर्गा पूजा के लिए भव्य पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। पंडाल में लकड़ी, कपड़ा के साथ ही अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। पंडाल के बगल से दो हाथ की दूरी पर बिजली का तार गुजरा है। तार पर कवर भी नहीं लगाया गया है। ऐसे में किसी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। शहर के मुगलपुरा नवाब साहब के फाटक दुर्गा पूजा के लिए भव्य पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। इस पंडाल के निर्माण में भारी मात्रा में लकड़ी का प्रयोग किया गया है। पंडाल के बगल और पीछे से काफी करीब से बिजली का तार गुजरा हुआ है। तेज हवा के दौरान तार पंडाल से सट सकता है। इस स्थिति में खतरा उत्पन्न हो सकता है। शहर के भुतहियाटाड़ चौराहा पर दुर्गा पूजा के लिए पूजा समिति की तरफ से भव्य पंडाल का निर्माण करवाया जा रहा है। इस पंडाल के बगल से जहां एबीसी केबिल गुजरा हुआ है, वहीं ऊपर से 11 हजार लाइन का तार दौड़ रहा है, जिससे खतरा बना हुआ है। हाईटेंशन तार की स्थिति यह होती है कि टूटकर गिरने पर यह जमीन को खुदरा करने के साथ ही हरी घास को भी जला देता है। ऐसे में पंडाल की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। शहर के लालदरवाजा में भी कपड़ा, लकड़ी आदि से आकर्षक पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। इस पंडाल काफी से जहां हाईटेंशन और एलटी तार दौड़ा है, वहीं बगल में ही ट्रांसफार्मर मौजूद है। इस ट्रांसफार्मर में कई बार आग लाग भी लग चुकी है। ऐसे में इस पंडाल पर भी खतरा मंडरा रहा है।