कासिमाबाद (गाजीपुर)। पैमाईश में अवरोध उत्पन्न करने तथा राजस्व कर्मियों से मारपीट और दुर्व्यवहार करने का मामला तूल पकड़ चुका है। इस मामले में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के प्रतिनिधि समेत अन्य के खिलाफ पुलिस ने सोमवार की देर शाम मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस इस प्रकरण में चार दिन बाद मुकदमा दर्ज की है। इस कार्रवाई को ‘अमर उजाला’ अखबार के खबर का असर माना जा रहा है। उच्चाधिकारियों के निर्देेेश पर पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के प्रतिनिधि/भासपा जिलाध्यक्ष रामजी राजभर और प्रतिनिधि के भाई राजनेत राजभर ने पैमाईश करने गए कानूनगो समेत अन्य राजस्व को ऐसा करने से मना किया। लेकिन इसके बाद भी कानूनगो द्वारा पैमाईश कराए जाने पर उसकी पिटाई कर दी। ग्रामीणों की माने तो डीएम के निर्देश पर बीते 17 जून को जमीन की पैमाईश करने बरेसर थाने के रामपुर गांव में चकबंदी के कानूनगो बालचंद राम, लेखपाल प्रदीप कुुमार और एसीओ राम मिलन यादव के साथ पहुंचे थे। गांव चक संख्या 127 के प्रस्तावित गाटा संख्या 91 की पैमाईश जैसे ही कानूनगो बालचंद राम शुरू की। इससे सटे गाटा संख्या 89 और 90 के काश्तकार भासपा के जिलाध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि रामजी राजभर और प्रतिनिधि के भाई राजनेत राजभर ने पैमाईश रुकवाने के साथ ही कानूनगो से मारपीट करने लगे। यह देख टीम के दो सदस्य लेखपाल और एसीओ वहां से भाग खड़े हुए। इसके बाद पीड़ित कानूनगो ने मारपीट की घटना की जानकारी पुलिस को देते हुए तहरीर दी थी। लेकिन थाना बरेसर की पुलिस द्वारा पूरा मामला दबाए रखा गया। सरकारी कर्मचारी के साथ मारपीट करने की जानकारी जब एसडीएम कासिमाबाद को हुई तो उन्होंने इसकी जानकारी डीएम को दी। डीएम संजय कुमार खत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तहरीर के आधार मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। इस संबंध में बरेसर थानाध्यक्ष गौतम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मंत्री के प्रतिनिधि तथा उनके भाई पर मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।