मनिहारी। क्षेत्र के तिलेसड़ा में अधिकांश किसान अब तक फार्मर रजिस्ट्री से वंचित हैं। इसका मुख्य कारण गांव का चकबंदी क्षेत्र होना बताया जा रहा है। 90 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो सकी, जबकि केवल उन 10 प्रतिशत किसानों की रजिस्ट्री हुई, जिनकी भूमि दूसरे राजस्व मौजा में दर्ज है। ग्रामीण जितेंद्र यादव, नंदलाल यादव, हरेंद्र यादव, गुलाब यादव, अजय राजभर, रामदयाल राजभर, हरी राजभर, रामनगीना और पप्पू यादव ने बताया कि चकबंदी के कारण भूलेख पर खतौनी प्रदर्शित नहीं हो रही है, जिससे ऑनलाइन सत्यापन संभव नहीं हो पा रहा। तिलेसड़ा में अंतिम बार वर्ष 1999 में चकबंदी शुरू हुई थी, लेकिन धारा-52 का प्रकाशन न होने से प्रक्रिया अधूरी रह गई। गांव के कई मामले अभी भी उच्च न्यायालय में लंबित बताए जा रहे हैं। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो पूरे गांव के किसान सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे। वहीं जखनिया एसडीएम अतुल कुमार ने बताया कि चकबंदी वाले ग्राम पंचायतों में यह समस्या सामने आ रही है।