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Ghazipur News: 50 लाख के अधिक की जिले में 88 परियोजनाएं, 12 धनाभाव में लटकी

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गाजीपुर। विकास के पथ पर दौड़ रहे जनपद में 50 लाख रुपये की 88 परियोजनाएं हैं। इन परियोजनाओं को लेकर शासन भी गंभीर है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इनमें 20 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 49 पर काम प्रगति पर है। पड़ताल करने पर यह बात सामने आई कि 12 परियोजनाएं धनाभाव के कारण लटकी हुई हैं। जबकि सात परिजनाएं अलग-अलग कारणों से फंसी हुई हैं। हालांकि संबंधित अधिकारियों का दावा है कि वे समय सीमा में काम पूरा कर लेंगे। लेकिन, धरातल पर देखने पर आसान नहीं लगता है। क्योंकि देरी के चलते कुछ परियोजनाओं की जहां लागत बढ़ती जा रही है, वहीं कुछ निर्धारित समय बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो पा रहा है। ऐसे में संबंधित क्षेत्र के लोगों को परेशानी हो रही है।
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धनाभाव के कारण फायर स्टेशन निर्माण में हुई देरी
मनिहारी क्षेत्र के सिखड़ी में 10 करोड़ 78 लाख 64 हजार की लागत से बनने वाले फायर स्टेशन के निर्माण के लिए वर्ष 2017 में डेढ़ करोड़ रुपये मिले। कार्यदायी संस्था के अनुसार वर्ष 2018 से 22 तक धनाभाव की वजह से काम रुका रहा। वर्ष 2022 में पांच करोड़ की धनराशि मिली। अब तक सात करोड़ नौ लाख से मुख्य भवन, ओवरहेड टैंक, बोरिंग, अंडरग्राउंड टैंक का काम पूरा कर लिया गया है। कर्मचारियों के टाइप-बी के तीन आवास पूरा हो गए हैं, जबकि टाइप-बी के 21 आवासों में प्लास्टर का काम चल रहा है। टाइप-ए के दो आवास का प्लास्टर पूरा हो गया है। पंप हाउस का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि 140 मीटर चहारदीवारी पूरा हो गई है। कार्यदायी संस्था यूपी सिडको के सहायक अभियंता प्रेमप्रकाश बंदा ने बताया कि दिसंबर तक कार्य पूरा करना है।

अब तक पूरा नहीं हो सका नवीन स्टेडियम
शहर के आरटीआई मैदान के पास 6.310 हेक्टेयर जमीन पर नवीन स्टेडियम का शिलान्यास जनवरी 2018 के दूसरे पखवारे की शुरुआत में प्रदेश के तत्कालीन खेल मंत्री ने किया था। इस्टीमेट रिवाइज होने के बाद अब तक छह करोड़ 29 लाख की धनराशि दी जा चुकी है। खेल कार्यालय की मानें को अब तक कार्य पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन पूरा नहीं हो सका। कार्यदायी संस्था की तरफ से अब इसे नवंबर माह तक पूरा कर लेने का दावा किया गया है।
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छात्रावास एवं एकेडमिक ब्लॉक के निर्माण में लेटलतीफी
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को इंटरमीडिएट तक की शिक्षा प्रदान करने के लिए छात्रावास एवं एकेडमिक ब्लाक का निर्माण कराया जा रहा है। एक करोड़ 77 लाख की लागत से प्रत्येक छात्रावास एवं करीब तीन करोड़ 15 लाख से एकेडमिक ब्लाक का निर्माण होना है। जिले के मरदह, कासिमाबाद, सादात एवं जखनिया में छात्रावास एवं कासिमाबाद एवं जखनिया में एकेडमिक ब्लाक बनना है। विभाग की मानें तो इसे बीते मार्च में पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन यह पूरा नहीं हो सका। डीसी बालिका शिक्षा अमित राय ने बताया कि अब इसे आगामी मार्च तक पूरा करना है।

ठेकेदार हुए ब्लैकलिस्टेड, नये टेंडर का इंतजार
गहमर में जल निकासी के लिए 11 सौ मीटर लंबे नाले और ड्रेन के निर्माण कार्य के लिए तत्कालीन जमानिया के विधायक के प्रस्ताव पर पूर्वांचल विकास निधि से धन अवमुक्त किया गया। यह नाला नेशनल हाईवे-124 सी से नरवा गंगा घाट तक बनना है। इसके लिए पांच करोड़ रुपये स्वीकृत कर निर्माण की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग को दी गई। सिंचाई विभाग ने वर्ष 2021 से काम शुरू कराया। इस काम को जून 2021 तक पूरा होना था लेकिन आज तक निर्माण पूरा नहीं हो सका। जेई रमेश कुमार ने बताया कि ठेकेदार द्वारा काम में तेजी लाकर इसे पूरा नहीं किया गया। इस कारण ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। नए टेंडर की प्रक्रिया की जा रही है। टेंडर होते ही काम को पूरा कराया जाएगा।

समय सीमा खत्म, नहीं तैयार हुआ लैब भवन
रेवतीपुर सीएचसी परिसर में 2022 में स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर शासन ने जनवरी 2023 में नए लैब भवन के लिए स्वीकृति देते हुए इसके लिए जरूरी धनराशि जारी करते हुए इसे चालू वर्ष में जुलाई तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया था। करीब 50 लाख की लागत से नए लैब के लिए भवन का निर्माण जनवरी महीने से चल रहा है। निर्धारित अवधि जुलाई के समाप्त होने के बाद भी इसका निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इस संबंध में कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड खंड दो वाराणसी के अवर अभियंता अनिल कुमार यादव ने बताया कि लैब का भवन बनकर तैयार है। शेष कार्य जल्द पूरा कर लिए जाएंगे।
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