गाजीपुर। जिले में आठ माह में आयुष्मान कार्ड सरेंडर करने के लिए 83 पात्र परिवारों ने आवदेन किया है। इसमें गंभीर बीमारी, राज्य व पैरामिलिट्री कर्मियों से संबंधित अधिकांश मामले हैं। वजह गंभीर बीमारी से पीड़ित कार्ड धारकों को उपचार पर अधिक पैसा खर्च होने पर विधायक व सांसद निधि का लाभ नहीं मिल पाता है। वहीं राज्य कर्मियों को दीनदयाल उपाध्याय कार्ड व पैरामिलिट्री कर्मियों और उनके परिजनों को उपचार के लिए कार्ड उपलब्ध कराया जाता है। जनवरी माह में जहां 33 तो फरवरी में 13 आवेदन आए, जबकि अन्य माह में यह आंकड़ा काफी रहा है।
आयुष्मान योजना के तहत एक लाख 58 हजार 465 परिवार पात्र हैं। जबकि लाभार्थियों की संख्या नौ लाख 49 हजार 749 है। इन्हें पांच लाख रुपये तक सामान्य से गंभीर बीमारियों का उपचार का लाभ कार्ड से मिलता है। बावजूद गंभीर बीमारियों में शामिल कैंसर बीमारी से पीड़ित मरीज अगर योजना का लाभार्थी है तो उन्हें पैकेज के मुताबिक उपचार तो मिल जाएगा, लेकिन आगे उपचार जारी रखने के लिए आर्थिक समस्या सामने आने लगती है। ऐसे में तीमारदार क्षेत्र के विधायक और सांसद से निधि के तहत पैसा लेने की गुहार लगाते हैं। सांसद व विधायक द्वारा निधि से धनराशि स्वीकृत करने का पत्र भी लिख देते हैं, लेकिन सत्यापन में आवेदन निरस्त हो जाता है, वजह वह आयुष्मान कार्ड धारक हैं। ऐसे में उन्हें विवशता में कार्ड सरेंडर करने का आवेदन करना पड़ता है। वहीं राज्य कर्मियों को उपचार के लिए दीनदयाल उपाध्याय कार्ड व पैरामिलिट्री कर्मियों और उनके परिजनों को उपचार के लिए सरकार द्वारा कार्ड जारी किया जाता है। ऐसे में नौकरी में आने से पूर्व बने आयुष्मान कार्ड को निरस्त कराना जरूरी होने पर आवेदन करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि सीएमओ कार्यालय से आवेदन तो भेज दिया जाता है, लेकिन कैंसिल होने का आंकड़ा नहीं मिल पाता है। इस संबंध में सीएमओ डा. देश दीपक पाल ने बताया कि विषम परिस्थितियों में पात्र कार्ड सरेंडर करने का आवेदन करते हैं, जिन्हें लखनऊ भेज दिया जाता है। कार्ड कैंसिल होने का कोई आंकड़ा विभाग के पास नहीं है।
प्रदेश में 14वां रैंक, 83.35 प्रतिशत बन चुके हैं गोल्डेन कार्ड
गाजीपुर। जिले में सात लाख 91 हजार 591 पात्रों का गोल्डेन कार्ड बन चुका है। गोल्डेन कार्ड बनाने में जनपद को प्रदेश में 14 वां रैंक मिला है। यहीं नहीं लगातार आयुष्मान की टीम मरीजों एवं पात्रों का केवाईसी करने के साथ गोल्डेन कार्ड बना रही है, जिससे पात्रों को ससमय उपचार मिल सके। वर्तमान समय में आयुष्मान योजना से 19 सरकारी अस्पताल और 14 निजी अस्पताल संबंद्ध हैं। जनवरी में 33, फरवरी में 13, मार्च में आठ, अप्रैल पांच, मई में दो, जून चार, जुलाई में छह, अगस्त में 12 आवेदन आए थे।