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ज्यों की त्यों रह गई स्थानीय समस्याएं

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जमानिया। गाजीपुर संसदीय सीट अंतर्गत विधानसभा जमानिया में पिछले पांच साल के विकास की बात करें तो रेलवे के क्षेत्र में स्टेशनों के विकास के साथ, ट्रेनों का ठहराव, सड़कों का निर्माण आदि का कार्य सराहनीय रहा। लेकिन युवा, किसान तथा व्यापारियों की तमाम समस्याएं ज्यों की त्यों बनी रहीं। जाम की समस्या, राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत और चौड़ीकरण, नगर में डाक घर की पुन: स्थापना सहित कई स्थानीय मुद्दे भुला दिए गए। अब लोगों को नेताओं से कोरा आश्वासन सुनने की आदत सी पड़ गई है। नगर के युवा तथा समाजसेवी अभय कुमार गुप्ता ने मुंसफ न्यायालय की मांग को खास मुद्दा बताते हुए कहा कि इसकी मांग बहुत दिनों से चल रही है, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। न्यायालय की स्थापना हो जाने से विवाद सुलझाने के लिए लोगों को जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। हर जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या को नजर अंदाज कर देता है। अमित कुमार ने बताया कि गंगा घाट पर बन रहा पक्का पुल इस क्षेत्र के लिए कितना आवश्यक है इस बात का अंदाजा सभी लगा सकते हैं। लेकिन राजनीति के पेंच में निर्माणाधीन काम रुक गया है। किसी क्षेत्र का विकास वहां की यातायात पर काफी निर्भर करता है। साल बीतता चला गया, लेकिन दुर्भाग्य है कि पुल नहीं बन सका। रजनीकांत चौरसिया कहते हैं कि तहसील क्षेत्र बिहार बार्डर से नजदीक तथा अन्य जिले को जोड़ता है। इसे जिला बनाने की मांग सालों से चली आ रही है। तमाम जिले बने, लेकिन इसे नजर अंदाज कर दिया गया। खेती किसानी के लिए बनाई गई तमाम नहरें सूखी हुई हैं। किसान अपनी उपज को कौड़ियों के भाव बेचने को मजबूर हो रहे हैं। इन सभी समस्याओं के निराकरण की आस धरी की धरी रह गई है। फैसलहोदा का कहना है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कोई विकास नहीं हुआ। वर्षों से डाक्टरों के पद रिक्त पड़े हैं।
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