गाजीपुर। शहर तथा गांव-गांव में तेजी से बढ़ रही गंदगी की शिकायतें अब ऑनलाइन की जा सकेंगी। कोई भी व्यक्ति मोबाइल पर केवल ‘स्वच्छता एप’ डाउन लोड कर अपनी शिकायत स्वतंत्र रूप से कर सकता है। शिकायत के बाद उस जगह को साफ-सुथरा करने की जिम्मेदारी सफाई निरीक्षक की होगी। साथ ही जगह को दुरुस्त कर उसका फोटो भी एप पर अपलोड करना होगा। इसके बाद भी शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हुआ तो अपनी शिकायत दोबारा भी कर सकता। इसकी जानकारी बुधवार को डीआरडीए कक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया ने दी। कहा कि एप के जरिए व्यक्ति को कुल तीन सवालों का जवाब ऑनलाइन देना होता है। इससे उनके संतुष्ट अथवा असंतुष्ट होने की बात सामने आ जाती है। वृहद स्वच्छता अभियान का पूरा सुपर विजन संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी करेंगे। इसके लिए जनपद में ‘स्वच्छता एप’ शुरू कर दिया गया है। इस एप पर शिकायतें की जा सकती हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण (ग्रामीण) 2018 एवं वृहद स्वच्छता अभियान के तहत गांवों की स्वच्छता का संख्यात्मक और गुणात्मक आंकलन किया जाएगा। इसके आधार पर जिले की रैकिंग तय की जाएगी। यह सर्वेक्षण किसी स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से एक से 30 अगस्त के बीच कराया जाएगा। इसमें स्वच्छता की रैकिंग तय करने से पूर्व एजेंसी फील्ड विजिट, ऑनलाइन एप तथा स्वच्छ भारत मिशन की वेबसाइट से जनपद की प्रगति के आधार पर होगी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बीते दिनों केंद्र सरकार ने ‘स्वच्छता एप’ शुरू किया है। इस एप से नगर पालिका, नगर पंचायत, तहसील, ब्लॉक और गांवों को जोड़ने का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल पर प्ले स्टोर से ’स्वच्छता एप’ को डाउनलोड कर गंदगी समेत अन्य समस्याओं की शिकायतें ऑनलाइन कर सकेगा। समस्या की फोटो इस एप पर अपलोड करने से वह सीधे अधिकारियों के पास तक पहुंच जाएगी। वहां सफाई कर्मी को भेज कर समस्या दूर करने का काम कराया जाएगा। अधिकारी उक्त समस्या के निस्तारण के बाद वहां की फोटो को अपलोड करेगा। बताया कि अगर फोटो उस स्थान की नहीं होगी, तो एप में उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे सटीक समस्या का निदान होना तय है। सीडीओ ने पूरे जनपदवासियों से स्वच्छता अभियान में सहयोग करने की अपील की है।