गाजीपुर। रौजा विद्युत उपकेंद्र परिसर में बने नये कंट्रोल रूम में पुराने कंट्रोल रूम की लाइन को शिफ्ट किए जाने की वजह से शुक्रवार को नगर के चार वार्ड तथा 50 से अधिक गांवों की आठ घंटों से अधिक समय तक बिजली गुल रही। बिजली आपूर्ति बंद रहने से भीषण गर्मी में लोग बिलबिलाते रहे। ऐसे में उपभोक्ताओं को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी में लोग पसीना बहाते रहे और बिजली विभाग को कोसते रहे। आलम यह रहा कि नगरवासी अब-तब बिजली आने का इंतजार करते रहे। देर शाम करीब छह बजे बिजली की आपूर्ति शुरू होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
रौजा विद्युत उपकेंद्र परिसर में बने नए कंट्रोल रूम में पुराने कंट्रोल रूम की लाइन को शिफ्ट करने का कार्य किया गया। इसके लिए शुक्रवार को उपकेंद्र से संबंधित सभी फीडरों की आपूर्ति बंद कर दी गई। रौजा, खोवा मंडी, इंद्रानगर कालोनी, चंद्रशेखर नगर कालोनी, जलनिगम कालोनी, शेखपुर, आलमपट्टी, अक्कलपुरा, मिश्रौलिया, रजदेपुर, टेढ़वा, बरबरहना, टाउन हाल, स्टीमरघाट, गोलाघाट, चीतनाथ, नखास, ऊर्दूबाजार सहित चार दर्जन से अधिक मुहल्ले और शहर से सटे 50 से अधिक गांव की बत्ती गुल हो गई। लोगों ने सोचा कि शायद कहीं फाल्ट हुआ है और अब-तब बिजली आ जाएगी। जब घंटों बाद भी बिजली का दर्शन नहीं हुआ तो भीषण गर्मी की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ गई। जिसके पास विद्युत उपकेंद्र पर नंबर था, वह फोन मिला कर पता लगाने में जुट गया कि बिजली कहां से कटी है और कब तक आएगी। तमाम लोग जानकारी के लिए विद्युत उपकेंद्र पर पहुंच गए। गर्मी से राहत के लिए लोग घरों से बाहर बैठ बिजली आने का इंतजार करते रहे। मरम्मत के नाम पर रात से ही बिजली आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया था। सुबह से बिजली पूरी तरह गुल हो गई और पूरे दिन आपूर्ति ठप रहा। विभाग द्वारा शुक्रवार को सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक कटौती निर्धारित की गई थी, लेकिन रात से ही बिजली कटौती का खेल चालू हो गया। पूर्वांह्न दस बजे से स्थायी कटौती की गई, जो सायंकाल छह बजे आपूर्ति शुरू हुई। शाम को पांच बजे के बाद भी बिजली का दर्शन होने पर पानी को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ गई। लोगों की इस बात की चिंता बढ़ गई कि कही रात में भी बिजली गुल न हो जाए।