सुहवल(गाजीपुर)। रेवतीपुर ब्लाक अंतर्गत करीब दो हजार की आबादी वाले गांव सुजानपुर को जिला कृषि अधिकारी ने गोद लिया है। वर्ष 2017 में जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो उनमें आस जगी कि अब यह गांव विकास की दौड़ में शामिल होगा लेकिन इस गांव में बिजली, पानी, सड़क, चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार आदि की बुनियादी समस्याएं दूर नहीं हो पाई। अन्य सरकारी योजनाओं की बात तो दूर कृषि विभाग की योजनाओं का भी लाभ यहां के लोगों को नहीं मिला।
सुजानपुर गांव में चिकित्सा सेवा बेपटरी है। इससे गांव के लोगों को छोटे-छोटे उपचार के लिए दौड़ लगानी पड़ती है। बाल विकास योजना विभाग का अपना खुद का भवन न होने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शासन ने भवन के लिए लाखों रुपये स्वीकृत किए लेकिन अभी तक भवन नहीं बन सका। बाल विकास विभाग के अनुसार सुजानपुर में चार अति कुपोषित एवं 14 कुपोषित बच्चे हैं। बिजली के खंभे जर्जर हो गए हैं। इन पर लटक रहे तार भी खतरनाक हो गए हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। गांव में जाने के लिए समुचित रास्ता भी नहीं है। गढ्ढों की वजह से लोगों को परेशानी होती है। साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। इस गांव में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का अभाव है। पेंशन, राशन कार्ड, घर-घर शौचालय, आवास आदि योजनाएं इस गांव में दम तोड़ती नजर आ रही है। सुजानपुर के ग्राम प्रधान कमला सिंह यादव ने बताया कि पिछड़े गांवों के समुचित विकास के लिए सरकार ने सभी अधिकारियों को गांव के विकास का जिम्मा दिया लेकिन सभी अधिकारी अपने ही हिसाब से काम करते रहे। गोद लेने के बाद जिला कृषि अधिकारी अपने गांव में विकास का हाल जानने के लिए कभी आए ही नहीं।
रामलाल यादव ने बताया कि आंगनबाड़ी का भवन न होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। गांव में बहुत ऐसे परिवार हैं जहां न तो शौचालय बना है और न ही उन्हें सरकारी योजनाओं के बारे में ठीक से जानकारी है। राधेश्याम यादव साधू ने कहा कि ग्रामीणों के बीमार होने पर उन्हें तत्काल स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल पाती है। अधिकतर युवा रोजगार के अभाव में इधर-उधर घूम रहे हैं। विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों को न मिलने से लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो जा रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने बताया कि गांव को कुपोषण से पूरी तरह मुक्त कराने के उद्देश्य से गोद लिया गया है। इसके लिए प्रत्येक महीने में एक बार सभी संबंधित लोगों के साथ आवश्यक बैठक की जाती है। गांव का सर्वांगीण विकास एवं मूलभूत सुविधाएं जल्द ही उपलब्ध होंगी।