माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा के संबंध में सोमवार को स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में जिलाधिकारी के बालाजी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें जिले में नकल विहीन परीक्षा कराने का संकल्प लिया गया। परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए सात सचल दल का गठन किया गया। इसके अलावा, परीक्षा की निगरानी करने के लिए सात जोनल और 38 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक और परीक्षार्थी के पास मोबाइल मिलना अपराध माना जाएगा।
बैठक में केंद्र व्यवस्थापकों, सचल दल के सदस्यों, सेक्टर एवं जोनल मजिस्ट्रेट को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी के बालाजी ने उक्त निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों को चेतावनी दी कि वह परीक्षा से पूर्व केंद्र की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति अनिवार्य रूप से कर लें। प्रश्नपत्र और प्रवेश पत्र का वितरण मंगलवार से शुरू करा दिया जाएगा। पेपर खोलने और कापी की सीलिंग के समय पारदर्शिता और सतर्कता अवश्य बरती जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे पूर्व अपर पुलिस अधीक्षक नगर प्रदीप दुबे ने कहा कि सौ मीटर की परिधि में कोई भी व्यक्ति या परीक्षा में व्यवधान डालने वाली वस्तु नहीं होनी चाहिए। अगर कहीं इस तरह की दिक्कत है तो उसे संबंधित उपजिलाधिकारी और थानाध्यक्ष को तत्काल सूचित करके इसका समाधान करा लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक संवेदनशील परीक्षा केंद्र पर एक स्पेशल जोनल मजिस्ट्रेट की पूरे समय के लिए तैनाती की जाएगी। सचल दल को दो-दो पुलिस कर्मी दिए जाएंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र देव ने केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा से संबंधित सारी जानकारी दी। बैठक में सह जिला विद्यालय निरीक्षक शिवपूजन द्विवेदी, लेखाधिकारी दीपक सिंह, प्रधानाचार्य गोपाल सिंह, शिवजी सिंह, राम अवतार यादव, हरेंद्र कुमार, सुधीर विश्वास, सीमा खरवार, रमाशंकर यादव, आलोक श्रीवास्तव, बबुआ, उजागिर राम, शैलेन्द्र यादव, सुरेंद्र यादव, अनिल गुप्ता, संतोष उपाध्याय सहित सभी केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापक उपस्थित थे।