विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट एएफटीसी कोर्ट-प्रथम विजय कुमार ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में मंगलवार को फैसला सुनाया।
37 साल तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने रामकेवल राजभर (80) को दोषी पाते हुए तीन वर्ष के श्रम कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। फैसला सुनाते समय कोर्ट ने आरोपी की उम्र को ध्यान में रखा।
अर्थदंड नहीं जमा करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त श्रम कारावास भुगतना होगा। 1989 में मरदह थाने में भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के अतरौली गांव निवासी रामकेवल राजभर के खिलाफ चोरी, छिनौती और डकैती के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
आरोपी पर पूर्व में भी इसी तरह के पांच मामले दर्ज थे। इसी आधार पर उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। केस में सुनवाई करीब 37 वर्षों तक चली।
इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया। गवाहों की गवाही और मामले में उपलब्ध साक्ष्यों को सुनने के बाद अदालत ने रामकेवल राजभर को दोषी पाया।