दिलदारनगर। जमानिया-पचोखर ड्रेन गांवों के किसानों के लिए अब अभिशाप बन गई है। लंबे समय से न तो इसकी साफ-सफाई हुई है और न ही मरम्मत का कार्य कराया गया। ऐसे में ड्रेन में पानी आने के बाद किनारे की सैकड़ों एकड़ खेतों की फसलें बर्बाद हो जाती हैं। हालांकि किसानों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
करीब 20 किमी. लंबी यह नहर जमानिया-पचोखर, आलमगंज, दिलदारनगर, बहुआरा, रकसहा, अठहठा तक जाती है। यह पचोखर गांव से दिलदारनगर तक करीब आठ किमी. तक जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। लंबे समय से इसकी सफाई भी नहीं की गई है, जिसके कारण नहर में जलीय घास उग जाती है। इस घास की वजह से पानी का बहाव अवरुद्ध होकर फैलने लगता है। इस क्षेत्र के किसानों के लिए यह काफी असहनीय होती है। धान तथा अन्य अनाज की खड़ी फसल हमेशा जलमग्न रहती है। खेतों के जलमग्न हो जाने के कारण रबी की बुआई में काफी दिक्कत होती रहती है। इस समस्या को लेकर किसान गोपाल तिवारी, बंधु राय, जमुना सिंह, उपेंद्र यादव आदि ने उपजिलाधिकारी, अधिशासी अभियंता, जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री तक को शिकायती पत्र भेजा और समस्या के निदान की मांग की, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी सफाई न होने और अधिकारियों की उदासीनता के चलते किसान आक्रोशित हैं। किसानों का कहना है कि इस नहर की साफ-सफाई के साथ ही टूटी नहर की मरम्मत भी कराना आवश्यक है। हल वर्ष किसानों की गाढ़ी कमाई बर्बाद हो जाती है।