सैदपुर(गाजीपुर)। फर्जी ढंग से टिकट बनाने के मामले में आरपीएफ औड़िहार ने रविवार को दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरपीएफ और वाराणसी जोन की सीआईबी टीम ने दोनों के पास से 70 हजार रुपये का टिकट भी बरामद किया है। इस कामयाबी पर रेलवे सुरक्षा बल के कमांडेंट ने टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की।
ई-टिकटिंग और काउंटर टिकट बुकिंग में कालाबाजारी के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल के मंडल सुरक्षा आयुक्त (वाराणसी) आरके पांडेय के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत आरपीएफ प्रभारी नरेश कुमार मीणा को काफी समय से चंदौली के चहनिया में फर्जी आईडी से आईआरसीटीसी की वेबसाइट से टिकट बनाने की शिकायत मिल रही थी। इस सूचना पर सीआईबी के अनिरुद्ध राय ने पुलिस टीम के साथ पहुंच कर दुकान में छापेमारी कर दुकान मालिक सतीश कुमार सिंह ग्राम ह्रदयपुर थाना बलुआ चंदौली और उनके सहयोगी मनीष यादव ग्राम लुठा थाना चौबेपुर वाराणसी को गिरफ्तार कर लिया। दुकान की तलाशी लेने पर लगभग 64 हजार रुपये के 54 ई-टिकट बरामद हुए। इसके अलावा दुकान से 21380 रुपये नकद एवं एक लैपटॉप, प्रिंटर, चार नेटसेटर, चार विभिन्न बैंकों के एटीएम, चार मोबाइल, छह एटीएम कार्ड, तीन पेन ड्राइव, एक लेमिनेशन मशीन, दो चेकबुक तथा टिकट के कालाबाजारी के व्यवसाय से संबंधित 143 रजिस्टर, ग्रीन कार्ड को जब्त कर लिया । इस मामले में गिरफ्तार दोनों युवकों को पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया। इस संबंध में प्रभारी नरेश मीणा ने बताया कि पकड़े गए आरोपी साफ्टवेयर से साइट हैक कर ई-टिकट बनाते थे। ई- टिकटों के मामले में रेलवे पुलिस की एक माह में दूसरी बड़ी सफलता है। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक डीएन सिंह, विनय कुशवाहा, कृष्ण गोपाल यादव, फेकन यादव के अलावा वाराणसी मंडल के रेलवे सुरक्षा बल के अपराध आसूचना शाखा के प्रभारी निरीक्षक अनिरुद्ध राय, उपनिरीक्षक अरविंद यादव, सतीश राय तथा श्रीराम मिश्र शामिल रहे।