गाजीपुर। जिले की हरियाली के लिए वन विभाग की ओर से लगाए गए पौधों की सुरक्षा अब आसानी से हो सकेगी। जहां पौधे रोपे गए हैं उसके आस-पास की जमीन या गांव के लोगों को जिम्मा दिया जाएगा। वह बड़े होने तक पौधों की रखवाली करेंगे। विभाग की ओर से 55 पशु रक्षक रखने की योजना बनाई गई है। विभाग की ओर से इन्हें रोजाना 174 रुपये मानदेय भी दिया जाएगा।
सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में इस बार खूब बढ़-चढ़ कर पौधे रोपे गए। 15 अगस्त तक इस बार जिले भर में कुल 10 लाख 90 हजार 67 पौधे रोपे गए है। इसमें कुल 26 विभागों को शामिल किया गया। जबकि अकेले वन विभाग ने तीन लाख सात हजार 650 पौधे लगाया। अब इन रोपे गए पौधों को कम से कम एक साल तक जिंदा रखना भी बड़ी चुनौती भरी काम है। इसको लेकर सामाजिक वानिकी वन प्रभाग की ओर से कारगर पहल जा रही है। स्कूल, पार्क, नहरों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए कई पौधों को ही आवारा पशुओं से नष्ट होने का खतरा बना हुआ है। इसमें से मंदिरों, मठों, स्कूलों आदि स्थानों पर तो वहां रहने वाले जिम्मेदार लोग इसकी रक्षा कर देते है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या सड़कों के किनारें, सार्वजनिक पार्कों जैसे सार्वजनिक स्थानों के पौधों को बचाने को लेकर होती है। यहां सबसे अधिक खतरा पशुओं की ओर से नष्ट करने को लेकर होती है। इस बार वन विभाग की ओर से 250 हेक्टेयर में करीब तीन लाख सात हजार पौधे लगाए गए है। इनमें से असुरक्षित स्थानों पर पौधों की रक्षा तथा खाद-पानी आदि देने के लिए 55 पशु रक्षक रखे जाने के लिए विभाग ने प्रस्ताव भेजा है। यह पशु रक्षक विभाग के दैनिक मजदूरी पर काम करेंगे। इनका चयन स्थल के आस-पास से ही किया जाएगा ताकि वह आसानी से पौधों तक पहुंच सकेंगे। मवेशियों से रक्षा करने, पौधों में पानी देने और निराई का जिम्मा उनका होगा जिससे पौधों का सही से विकास हो सके। विभाग की यह पहल सराहनीय है जिससे अधिकतर पौधों का संरक्षण हो सकेगा।