पुरुष एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने एक पद धारक, दो तरह का वेतमान (वेतन विसंगति) को लेकर महानिदेशक परिवार कल्याण लखनऊ पर हो रहे आमरण अनशन के समर्थन में दूसरे दिन सोमवार को भी काली पट्टी बांधकर पल्स पोलियो की ड्यूटी किया। चेतावनी दी कि अगर 13 मार्च तक सरकार आमरण को देखते हुए पक्ष में निर्णय नहीं देती है तो राजकीय एवं राष्ट्रीय कार्यों को लामबंद होकर बाधित किया जाएगा।
संगठन के जिलाध्यक्ष एसपी गिरी ने कहा कि एक पद पर दो तरह का वेतनमान न्याय संगत नहीं है। इस परिप्रेक्ष्य में महानिदेशक परिवार कल्याण लखनऊ को बार-बार लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन सरकार द्वारा कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जा रहा है। 13 मार्च तक हमारी मांगों को सरकार नहीं मानती है तो राजकीय एवं राष्ट्रीय कार्यों को लामबंद होकर बाधित किया जाएगा। मातृत्व महिला संगठन की जिलाध्यक्ष पुष्पा ओझा ने कहा कि जनपद के सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने वेतन विसंगति के समर्थन में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। मांगे पूरी होने तक लड़ाई लड़ी जाएगी। जखनियां संवाददाता के अनुसार वेतन विसंगति को लेकर पल्स पोलियो की ड्यूटी में लगे महिला-पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने दूसरे दिन सोमवार को भी काली पट्टी बांधकर पल्स पोलियो की ड्यूटी किया। चेतावनी दी कि यदि एक ही पद पर एक समान कार्य करने वाले कर्मचारियों को अलग-अलग वेतनमान की व्यवस्था दिए जाने की विसंगति को दूर नहीं किया गया तो हम कार्य बहिष्कार को बाध्य होंगे। इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मी मानवेंद्र पांडेय ने कहा कि 2015 के पूर्व के नियुक्त कर्मचारियों को ग्रेड पे 2800 प्राप्त हो रहा है। जबकि इसके पश्चात के नियुक्त कर्मचारियों को 2000 ग्रेड पे प्राप्त हो रहा है। हुंकार भरते हुए कहा कि वेतन विसंगति की लड़ाई समान कार्य का समान वेतन तक जारी रहेगी। स्वस्थ्य कर्मचारियों ने चेतावनी दिया कि अगर 13 मार्च हमारी मांग पूरी नहीं की गई तो कार्य बहिष्कार किया जाएगा। काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने वालों में जखनियां सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मचारी मानवेंदु, लल्लन सिंह, प्रतिमा सिंह, रिंकू, मीनाक्षी, संगीता, रविंद्र महाजन आदि शामिल रहे।